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Varanasi News: राजस्थान व हरियाणा के युवकों की फर्जी शादी कराकर करते थे ठगी, छह आरोपी गिरफ्तार

Tue, 07 May 2024 07:31 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी पुलिस ने फर्जी शादी कराकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना दंपती समेत छह आरोपियों को अरेस्ट किया है। गिरोह के सरगना दंपती 30 अविवाहित युवकों की फर्जी शादी करा चुके हैं। 
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पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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राजस्थान और हरियाणा के अविवाहित युवकों की फर्जी शादी कराकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना दंपती सहित छह आरोपियों को सारनाथ थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लेढ़ूपुर के रोहित जायसवाल, चंदौली के बलुआ थाना के मटेहरा गांव के जितेंद्र कुमार व उसकी पत्नी चंदा देवी, सोनभद्र के ओबरा के सुनील दास, मथुरा के गोवर्धन के पल्सो के मूल निवासी व जितेंद्र के यहां रहने वाले सूरज उर्फ तारा और राजस्थान के जयपुर के मौजमाबाद थाना के कापड़ियावास के भवरलाल शर्मा के रूप में हुई है। 

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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह हरियाणा और राजस्थान निवासी 30 अविवाहित युवकों की शादी अब तक करा चुके हैं। फर्जी शादी कराकर ठगी के आरोप में जितेंद्र और चंदा को पहले भी जीआरपी कैंट और बलुआ थाने की पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी ने बताया कि बलुआ रोड, लेढ़ूपुर की एक महिला ने सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला के अनुसार, 25 मार्च को उसकी 19 वर्षीय बेटी की रोहित ने पांच लोगों के साथ राजस्थान ले जाकर फर्जी शादी कराई थी। राजस्थान जाकर वहां की पुलिस की मदद से किसी तरह से बेटी को वापस लेकर आई।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सारनाथ थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह को निर्देश दिया गया था। सारनाथ थाना प्रभारी ने टीम के दरोगा अरविंद कुमार यादव, प्रदीप सिंह व महेश मिश्रा के साथ छह आरोपियों को चिह्नित और गिरफ्तार किया। एडीसीपी वरुणा जोन ने बताया कि सारनाथ थानाध्यक्ष और उनकी टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है।

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लड़की को 50 हजार, खुद लेता था 20 हजार

जितेंद्र और चंदा देवी ने बताया कि राजस्थान और हरियाणा में अविवाहित युवक आसानी से मिल जाते हैं। उनकी फर्जी शादी का ठेका मध्यस्थ लेते हैं। भवरलाल शर्मा राजस्थान से अविवाहित युवक लाता था। अपना पैसा वह लड़के से ही लेता था। गरीबी का हवाला देकर लड़के से शादी के लिए अलग-अलग मद में एक से सवा लाख रुपये लेता था। उसमें से फर्जी शादी के लिए तैयार होने वाली लड़की को 50 हजार दिया जाता था। 20 हजार रुपये वह खुद रखता था और शेष गिरोह के अन्य लोगों पर खर्च करता था। मंदिर में शादी कराने के बाद लड़की कभी रास्ते से तो कभी लड़के के घर जाकर भाग जाती थी। इसी तरह से वह और उसकी पत्नी अब तक 30 फर्जी शादी करा चुके हैं।
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