गोंडा से आई रामबेटी सिंह ने कहा कि साहब मेरे पति की मृत्यु 2011 में हुई थी। तब से अब तक पेंशन व पीएफ नहीं मिला है। जिस पर सहायक भविष्य निधि आयुक्त प्रतीश सिंह ने तत्काल सभी समस्याओं को दूर कराते हुए प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। उन्होंने पीड़िता को बताया कि 15 दिन के बाद पीएफ का पैसा आपको मिल जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अशोक विहार पहड़िया कार्यालय में पेंशन अदालत लगाई गई। इसमें सहायक भविष्य निधि आयुक्त ने पेंशनर्स की समस्याएं सुनी और 10 से अधिक समस्याओं का समाधान कराया।
उन्होंने महराजगंज औराई से आई निर्मला देवी का विधवा पेंशन जारी करने का आदेश दिया। प्रयागराज से आए मुकुटधारी का पीपीओ इलाहाबाद कार्यालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। ज्यादातर समस्याएं जीवन प्रमाण पत्र संबंधित रही। दूर के जिले अंबेडकर नगर, सोनभद्र आदि के लोगों ने जिला कार्यालय खोलने की मांग की। जिससे पेंशन धारक दूरदराज से कार्यालय आने में दिक्कत ना हो।
गाजीपुर के आए संबजार दास ने कहा कि मेरा पेंशन खाता आजमगढ़ के मर्द स्थित भारतीय स्टेट बैंक में है। जिसे ट्रांसफर कराकर गाजीपुर में कराना चाहता हूं। इनकी भी समस्या सहायक आयुक्त ने दूर करने का आश्वासन दिया। आजमगढ़ से आए सत्यनारायण सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि हमारे संगठन के लोगों का 2015 से लेकर 2019 तक पैसा जमा नहीं किया गया है। हम लोग का पेंशन बनेगा कि नहीं। इसकी शिकायत हमने आयुक्त से की। जिस पर सहायक आयुक्त ने कहा कि पेंशन जमा होने पर पैसा मिलेगा।
ईपीएफओ में पेंशनर्स ने दर्ज कराई शिकायतें
पेंशनर्स ने कार्यालय में सुबह 11 से 12 बजे तक उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारी परिवार पेंशन योजना 1971 और कर्मचारी पेंशन योजना 1995 से जुड़े सभी पेंशनर्स की समस्याएं सुनी गई। इनमें क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी परिक्षेत्र के गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली के पेंशनर्स आए थे। पेंशन अदालत में ईपीएफओ की ओर से नरेंद्र सिंह, राम अवध राम, सुशील चंद्र प्रेम चंद्र भारती, अमित कुमार, बेबी, ज्योति आदि ने पेंशनर्स का काफी सहयोग किया।