फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SIP: पांच साल में चार गुना बढ़े एसआईपी खाते, 1.25 लाख से 5 लाख हुआ फोलियो; म्यूचुअल फंड में 5852 करोड़ निवेश

Tue, 26 May 2026 02:53 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में निवेशकों का रुझान म्यूचुअल फंड की ओर तेजी से बढ़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले पांच वर्षों में एसआईपी खातों की संख्या चार गुना हो गई है। वर्ष 2021 में जहां 1.25 लाख एसआईपी खाते थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर करीब पांच लाख तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
Mutual Fund SIP - फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

SIP Investment: वाराणसी जिले में पांच साल में एसआईपी खातों की संख्या चार गुना बढ़ गई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में इसकी संख्या 1.25 लाख थी, जोकि अब बढ़कर 5 लाख तक पहुंच गई है। 

विज्ञापन


वाराणसी के निवेशकों ने म्यूचुअल फंड में कुल 15880 करोड़ रुपये का निवेश किया है। म्यूचुअल फंड निवेश   के मामले में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान है। इस सूची में पहले और दूसरे स्थान पर क्रमशः राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर हैं।

एम्फी के मुताबिक, वाराणसी के मध्यमवर्गीय परिवारों में महिलाएं अब केवल सोना या डाकघर की आरडी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे 500 और 1000 रुपये की स्मार्ट एसआईपी के जरिये बच्चों की उच्च शिक्षा और भविष्य के लिए खुद निवेश कर रही हैं। 
विज्ञापन


वाराणसी की अधिकांश महिलाएं सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए बेहद अनुशासित तरीके से हर महीने निवेश कर रही हैं। इनमें मिडकैप, स्मॉलकैप और फ्लेक्सीकैप फंड्स को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है, ताकि बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या खुद के सुरक्षित भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार किया जा सके।

यूपी के शीर्ष पांच जिलों में निवेश की स्थिति
  • जिला - कुल म्यूचुअल फंड निवेश
  • लखनऊ - 49806 करोड़ 
  • कानपुर - 36091 करोड़ 
  • वाराणसी - 15880 करोड़ 
  • आगरा - 15158 करोड़ 
  • मेरठ - 9384 करोड़ 

पारंपरिक रूप से बचत करने वाला हमारा समाज अब धन सृजन की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। सबसे बेहतरीन बदलाव महिलाओं और युवाओं की सोच में दिख रहा है। बनारस की महिलाएं अब केवल सोने या बैंक एफडी तक सीमित नहीं हैं। 

वे ई-केवाईसी और मोबाइल ऐप्स की मदद से बाजार के जोखिमों को समझते हुए मिडकैप और स्मॉलकैप जैसे फंड्स में अनुशासित निवेश कर रही हैं। कुल निवेश में महिलाओं की करीब 37% की हिस्सेदारी बताती है कि वे अब घर के बजट मैनेजमेंट के साथ-साथ परिवार के लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स को भी लीड कर रही हैं। - नंदिता शुक्ला, सीनियर मैनेजर, कोटक महिंद्रा बैंक।

15880 करोड़ के निवेश में 36.85% महिलाओं की हिस्सेदारी
बैंकर नंदिता शुक्ला बताती हैं कि बनारस की महिलाएं अब छोटी राशि से हर महीने निवेश कर रही हैं। वे अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहती हैं। वाराणसी के 15880 करोड़ के निवेश में 36.85% यानी 5852 करोड़ का निवेश महिलाएं कर रही हैं। पांच वर्ष पहले तक महिलाएं पैसे को बैंक एफडी, डाकघर योजनाओं या सोने (गोल्ड) में रखना पसंद करती थीं। हालांकि, डिजिटल केवाईसी (ई-केवाईसी) और मोबाइल ऐप्स के आने से अब बनारस की गृहणियां, महिला व्यापारी और कामकाजी महिलाएं सीधे तौर पर इक्विटी और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर रही हैं।
विज्ञापन

22 से 30 साल के बीच के युवा कर रहे एसआईपी में इंवेस्ट
निवेश एक्सपर्ट प्रशांत अगवाल बताते हैं कि जिले में 22 से 30 वर्ष के बीच के युवा एसआईपी में इंवेस्ट कर रहे हैं। कामकाजी पेशेवर और छात्रों ने छोटी छोटी बचत करके ऑनलाइन एप्प के माध्यम से निवेश किया है। वाराणसी में खुल रहे कुल नए एसआईपी खातों में से 50% से अधिक खाते पूरी तरह डिजिटल मोड में खुल रहे हैं।

पांच साल पहले वाराणसी में औसत एसआईपी टिकट साइज 1000 से 1500 रूपये के बीच हुआ करता था। बाजार की तेजी और वित्तीय जागरूकता के कारण अब औसत एसआईपी निवेश बढ़कर 2500 रूपये से 3000 रूपये प्रति माह तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें