पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर तीर्थ यात्री बढ़े, सुविधाएं नदारद
पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर पिछले दो-तीन दिनों से यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि हो गई है। महिला पुरुष व साधु-संत के साथ बच्चे भी यात्रा पर निकले हुए हैं। इसके बावजूद पड़ाव स्थलों पर गंदगी की भरमार है। भीम चंडी पड़ाव पर धर्मशाला में राख के ढेर लगे हैं।
तीर्थ यात्रा पर निकलने वाले यात्री गोबर की गोहरी पर खाना बनाते हैं। जिससे जगह-जगह राख हो जाता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना था की एक दो दिन धर्मशालाओं और पंचकोशी पथ की साफ सफाई की गई थी। लिहाजा जगह-जगह गंदगी का ढेर लग गया है। रविवार को सतुआ बाबा आश्रम के संतोष दास भीम चंडी पड़ाव पर पहुंचे थे। उनके साथ चलने वाले साधु संतों ने गंदगी पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
पंचकोशी यात्रा करने वाले पानी की समस्या से जूझ रहे
हरहुआ विकास खंड के पंचक्रोशी मार्ग पर औसानपुर गांव के सामने सड़क के किनारे एक हैंडपंप लगा है। यह दो वर्ष से खराब है। ग्रामीण ग्राम प्रधान से लेकर जनप्रतिनिधियों से मरम्मत के लिए गुहार लगा चुके हैं केवल आश्वासन ही मिलता है। पंचकोशी उत्थान समिति की एक बैठक रविवार को औसानपुर गेट पर हुई। इसमें समिति के महामंत्री गुड्डू चौबे ने जिला प्रशासन से यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था की मांग की। बैठकर में सुबाष मौर्या, गुड्डू पांडेय, मनोज सिंह, प्रकाश यादव, ढल्लू मौर्या, रमेश पांडेय, शीतला गुप्ता आदि उपस्थित रहे।