शीतला संगीत महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार।
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इससे पहले उत्सव का शुभारंभ माता के अलौकिक पूजन से हुआ। महंत पं. शिव प्रसाद पांडेय और पं. पुरुषोत्तम पांडेय के सान्निध्य में माता शीतला को पंचामृत स्नान कराकर नूतन वस्त्रों व आभूषणों से सजाया गया। पं. अविनाश पांडेय ने माता की महाआरती की। भाजपा संस्कृति प्रकोष्ठ के संयोजक कन्हैया दुबे केडी के कुशल संयोजन में कलाकारों ने अपनी भावांजलि अर्पित की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत आकाशवाणी के पूर्व निदेशक राजेश गौतम के बांसुरी वादन से हुई। राग सरस्वती की मधुर ध्वनियों और शिव कैलासों के वासी... की धुन ने श्रोताओं को अंतर्मुखी कर दिया। इसके बाद बनारस घराने की नृत्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पं. रविशंकर मिश्र और डॉ. ममता टंडन ने कथक से सबका मन मोह लिया।
जयंती मंगला काली और नागेंद्रहाराय की प्रस्तुति के दौरान उनके पैरों की थाप और भाव-भंगिमाओं ने साक्षात शिव-शक्ति का अहसास कराया। बाल कलाकार यथार्थ दुबे ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र सुनाया। इसकी सराहना स्वयं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने की। देर रात तक चली इस द्वितीय निशा में पवन परदेसी, करिश्मा पांडेय और सर्वेश लाल यादव जैसे अनेक कलाकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
आज ये कलाकार देंगे प्रस्तुति: महोत्सव की तृतीय निशा बृहस्पतिवार को दिलीप शंकर की शहनाई, मांडवी सिंह और अदिति शर्मा का कथक नृत्य, तथा लोक गायिका ज्योति माही व अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी।