नवंबर से दिसंबर माह तक बसेरा करने वाले पक्षी धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ने लगते हैं। जनवरी माह के शुरुआत में ये पक्षी प्रयागराज के संगम तट गंगा यमुना के ढाब की ओर चले जाते हैं। इन पक्षियों के आने पर शिकारी भी घात लगाए रहते हैं। देर शाम अपने बसेरे में जाते वक्त शिकारी उन पर हमला करने से नहीं चूकते।
मेहमान पक्षियों की रक्षा में पुलिस भी मूक दर्शक बनी रहती है। वन विभाग भी इस मामले में संवेदनहीन बन पक्षियों की रक्षा के प्रति चुप्पी साधे रहता है। प्रबुद्ध नागरिकों ने इन मेहमान पक्षियों की सुरक्षा किए जाने और इन्हें बेहतर संरक्षण दिए जाने की मांग वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार की है।