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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: आज जन्मेंगे कान्हा बनेगा द्वापर युग का संयोग, मठ-मंदिर और थानों में हुई सजावट; होगा पूजन

Mon, 26 Aug 2024 04:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: शिव की नगरी काशी में सोमवार को श्रीकृष्ण की जय-जय कार हो रही है। मठ-मंदिरों के साथ पुलिस थानों और चौकियों में साजोसज्जा की गई है। देर रात प्रभु के जन्मोत्सव के बाद विभिन्न आयोजन होंगे। इससे पहले जिले के इस्कॉन मंदिर में भी सात दिनी आयोजन शुरू हो चुका है।
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बांसफाटक सत्यनारायण मंदिर में स्थापना दिवस पर कार्यक्रम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अष्टमी तिथि की रात्रि में रोहिणी नक्षत्र और सोमवार के साथ ही जयंती योग में लड्डू गोपाल जन्मेंगे। काशी विश्वनाथ धाम सहित शहर के मंदिरों के साथ ही घर-घर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। विश्वनाथ धाम में पहली बार होने वाले आयोजन के लिए रविवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया था।

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रविवार को सुबह से ही जन्माष्टमी का बाजार गुलजार था। अपने-अपने कान्हा को सजाने के लिए कोई नए वस्त्र खरीद रहा था तो कोई उपहार देने के लिए खिलौने। घरों में सजने वाली झांकियों की तैयारियां भी देर रात तक चलती रहीं। 

श्री काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए मध्य रात्रि से सजाया जा रहा है। दुर्गाकुंड स्थित मणि मंदिर में भी जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। लड्डू गोपाल के महाभिषेक के साथ ही शिव की नगरी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उल्लास हर तरफ नजर आएगा। 

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विश्व को होगा कल्याण
वहीं रविवार को अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के आयोजन आरंभ हो गए। दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रीकृष्ण लीला प्रवचन करते हुए प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष अच्युत मोहन दास ने कहा कि परम पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान इस जगत में अपने भक्तों की रक्षा व दुष्टों का संहार करने तथा विश्व के कल्याणार्थ अवतार लेते हैं। 

बीएचयू के पूर्व आईआईटी छात्रों द्वारा एक शाम का आनंद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें भक्ति संगीत व मनमोहक जीवंत नृत्यनाटिका का मंचन हुआ। मंदिर में राधेकृष्ण की प्रतिमा का फूलों से शृंगार व भोग लगाया गया।

गोपाल मंदिर में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शुरू
चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर में रविवार को तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शुरू हो गया। पहले दिन षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने लड्डू गोपाल का शृंगार कर विधिवत पूजन किया। मंदिर में दर्शन के लिए वैष्णवजन देर शाम तक उमड़े रहे। प्रभु का उत्थापन दर्शन शुरू हो गया। सोमवार को मंदिर में जन्माष्टमी मनाई जाएगी। उधर, बेटी जी मंदिर में श्याम प्रभु के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। 
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श्रीकृष्ण लीला की सजावट के लिए हो रही खरीदारी। - फोटो : अमर उजाला
खूब बिके कान्हा और राधा को सजाने वाले फैंसी ड्रेस
जन्माष्टमी पर तरह-तरह के सजावट की चीजें और पोशाक खरीदने वालों से बाजार रविवार को गुलजार रहा। सबसे ज्यादा मांग कान्हा के ड्रेस की हो रही है। चौक, दशाश्वमेध, गोदौलिया, लंका, सिगरा, रथयात्रा, अर्दली बाजार, पांडेयपुर आदि क्षेत्रों में कान्हा और राधा की फैंसी ड्रेस की लोगों ने खरीदारी की। 

व्यापारियों के अनुसार पिछले कुछ साल से सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रही पोशाकों को लोग ज्यादा पसंद कर रहे है।  स्कूलों और वैसे भी लोग अपने बच्चों को कान्हा के रूप में सजाते हैं। वहीं, मंदिरों में विराजमान कान्हा के लिए नए और गोटेदार पोशाक की भी खरीदारी होती है।

चौक स्थित नारियल बाजार के व्यापारी नंदलाल अरोड़ा के अनुसार कान्हा के बाल रूप के पोशाकों की मांग ज्यादा है। दो नंबर से पांच नंबर तक के साइज की पोशाकें सबसे ज्यादा बिक रही हैं। बुटीक पोशाक 150 से 500, फैंसी साफा 25 से 200 रुपये, राधा कृष्ण ड्रेस 225 से 550, बंशी 10 से 50, मुकुट 50 से 400, माल 15 से 200, सिंहासन 150 से 400 रुपये है।
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