अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जैसे ज्ञानवापी का सच बाहर आया है, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि का सच भी बाहर आएगा।
ज्ञानवापी के बाद अब मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे ईदगाह परिसर के सर्वे के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट से मिली मंजूरी पर काशी के हिंदू संगठनों में खुशी की लहर है। हिंदू संगठन और संत समाज इस फैसले को अपनी बड़ी जीत मान रहा है।
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अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जैसे ज्ञानवापी का सच बाहर आया है, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि का सच भी बाहर आएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की लड़ाई में ये फैसला ऐतिहासिक है। कोर्ट कमीशन के फैसले का संतों ने स्वागत किया है।
हिंदूवादी संगठन सनातन भारत के महामंत्री राजन गुप्त का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और वहां कई संकेत हैं जो स्थापित करते हैं कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर था।