भक्तों को बटुक भैरव के मनोहारी स्वरूप के दर्शन हुए
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महादेव के बाल स्वरूप बटुक भैरव के हरियाली और जलविहार शृंगार में मंदिर परिसर का स्वरूप ही भव्य नजर आ रहा था। 15 मीटर लंबी गुफा से गुजरने के बाद श्रद्धालुओं को मयूर सिंहासन पर विराजमान बटुक भैरव के मनोहारी स्वरूप के दर्शन हुए। बाबा की नयनाभिराम झांकी के दर्शन के लिए भोर से ही कतार लग गई थी और शयन आरती तक दर्शन पूजन का सिलसिला चलता रहा।
रविवार को रात्रि में बटुक भैरव का 1008 दीपों और सवा किलो कपूर से आरती उतारकर बालस्वरूप को शयन कराया गया। इसके पूर्व प्रातः पांच बजे बाबा का पंचामृत स्नान के बाद मंगला आरती हुई। रात्रि नौ बजे बाबा की महाआरती हुई। महंत राकेश पुरी ने बाबा की महाआरती 1008 बत्ती वाले दीपक एवं सवा किलो कपूर से उतारी। महाआरती के दौरान 51 भक्त डमरू बजा रहे थे।