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श्री कृष्ण जन्माष्टमी : शहर के मंदिरों में जीवंत हुईं लीलाधर की लीलाएं

Sun, 25 Aug 2019 04:04 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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इस्कॉन मंदिर में जलाभिषेक किया गया। - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के नटवर नागर की लीलाओं से पगी श्रीकृष्ण महोत्सव की झांकियां शहर के मंदिरों में जीवंत हो उठीं। रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे लीलाधर ने अपनी लीलाओं के साथ ही धरती पर अवतार लिया। इसके साथ ही शहर के मंदिरों में नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..., हरे कृष्णा, राधे कृष्णा...का कीर्तन गूंज उठा। शनिवार को शहर से लेकर गांव तक वैष्णव जनों और साधु-संन्यासियों ने भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को धूम-धाम से मनाया।

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हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसायटी की ओर से शनिवार को तुलसी महारानी की आरती के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। इस दौरान गुलाब प्रभु ने मेरे अगना में आओ नंदलाल...की तान जब छेड़ी तो भक्त भी झूम उठे। लड्डू गोपाल का अभिषेक कर रात 12 बजते ही भगवान की महाआरती की गई और पूरा माहेश्वरी भवन स्वागतम कृष्णा, सुस्वागतम कृष्णा...से गूंजने लगा।

नरहरपुरा स्थित पाताल पुरी मठ में बाल श्रीकृष्ण प्रभु की भव्य झांकियां सजाई गई। पीठाधीश्वर महंत बालक दास महाराज के सानिध्य में रात 12 बजते ही प्रभु की महाआरती की गई। वहीं चौखंभा स्थित गोपाल मंदिर, लक्सा स्थित श्याम मंदिर, दुर्गाकुंड स्थित त्रिदेव मंदिर सहित शहर के सभी मंदिरों में भगवान के जन्मोत्सव की झांकियां देखने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।

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इस्कॉन में हुआ स्वर्ण कलश से अभिषेक :
गुरुधाम स्थित इस्कान मंदिर में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान के विग्रह का सोने व चांदी के कलश से अभिषेक किया गया। इसके उपरांत महाआरती की गई। शाम को संगीत एवं नाट्य प्रतियोगिता में 15 विद्यालयों के बच्चों व कलाकारों ने प्रतिभाग किया।

बच्चों का पुरस्कार इस्कॉन मंदिर के चेयरमैन दीपक मधोक व भारती मधोक ने प्रदान किया। मंदिर के उपाध्यक्ष कृष्णार्चन दास महाराज ने कहा कि भगवत प्रेम व कृपा के बिना मनुष्य पशु के समान है। समापन के उपरांत महाप्रसाद व भंडारे का आयोजन हुआ। इस दौरान राहुल सिंह, दीपक बहल, आनंद कृष्ण दास, साक्षी मुरारी दास मौजूद रहे। प्रभाकर यादव ने बताया कि भगवान को विशेष प्रसाद के रूप में मक्खन का लड्डू भोग लगाया गया।

रजत पालना पर झूले श्याम ललना...
झनक-झनक झंकार झूमती झांकी बालमुकुंद की और निरख-निरख कर हो उतंग नाचे-गाए भक्त सानंद। वैष्णवजनों संग गृहस्थों ने लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव शनिवार को मछोदरी स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में मनाया गया। भक्तों ने अपने श्याम ललना को रजत पालना में झूलाया। माखन-मिश्री संग चॉकलेट का भोग लगाया। जन्मोत्सव के उल्लास में डूबे मंदिर में मौसमी फ लों और गुब्बारों की सजावट संग लोगों को जंगल का स्वरूप भी दिखा। ठाकुर जी का पालना झूलाकर श्रद्धालु अभिभूत हो गए। समस्त पूजन पं. अशोक शास्त्री ने सविधि कराया। ठाकुर जी का संपूर्ण शृंगार  ब्रह्मचारी प्रभानंद ने किया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी घनश्याम मेहता, उप महंत भावेश भगत, ट्रस्टी दिनेश पाटीदार, विक्की यादव मौजूद थे।
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रामेश्वर मठ में मना जन्मोत्सव :
अस्सी स्थित रामेश्वर मठ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मठ के उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी लखन स्वरूप ब्रम्हचारी महाराज के सानिध्य में स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय के बटुकों ने सुंदर झांकी सजाकर वेद मंत्रों के बीच भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। बटुकों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं की झांकी सजाने के साथ उनका मंचन भी किया गया।

जन्मोत्सव की लीला का मंचन भी बटुकों ने किया। रात 12 बजे  भगवान को माखन मिश्री का भोग लगाकर आरती उतारी गई। प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वामी लखन स्वरूप ब्रम्हचारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अपने भक्तों को तारने व दुष्टों का नाश करने के लिये होता है। इस अवसर पर मठ के प्रबंधक वरूणेश दीक्षित, बापू जी, जयंत पति त्रिपाठी, जागृति रामयश मिश्र, योगेश कुमार तिवारी सहित विद्यालय के बटुक उपस्थित थे।
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