गर्मी का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। इस कारण ओेपीडी के साथ ही इमरजेंसी में भी मरीज बढ़ने लगे हैं। बीएचयू समेत सरकारी अस्पतालों इमरजेंसी में पिछले 24 घंटे में गर्मी से परेशान 100 लोगों को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गर्मी से परेशान होकर इलाज कराने आए दो लोगों की मौत हो गई। इसमें से एक मरीज ने तो इमरजेंसी गेट पर पहुंचते ही दम तोड़ दिया। जबकि एक व्यक्ति की मौत ट्रेन में हुई।
जिला अस्पताल में दोपहर में परिजन एक मरीज को लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के दौरान उसको मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार वह अचानक गिर गया था और बेहोश हो गया। उधर पेट में दर्द, बेचैनी की समस्या से ग्रसित काशीराम आवास शिवपुर निवासी दिनेश भारती (23) की मौत हो गई। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल सकेगा, लेेकिन परिजनों के अनुसार पहले से कोई बीमारी नहीं थी।
वहीं, पवन एक्सप्रेस में सफर के दौरान मंगलवार को बुजुर्ग यात्री की मौत हो गई। आरपीएफ और जीआरपी ने शव को कब्जे में लिया है। बिहार के समस्तीपुर निवासी मुर्तजा हसन (60) की तबीयत गर्मी से बिगड़ गई। ट्रेन के कैंट स्टेशन पहुंचने पर सह यात्रियों की सूचना पर आरपीएफ ने उन्हें नीचे उतारा। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रोहनिया में बाइक पर बैठी राजातालाब के पनियरा निवासी महिला प्रियंका चक्कर खाकर गिर गईं। पति केशव गुप्ता के अनुसार वह पत्नी का बीएचयू से इलाज करवाकर घर जा रहा था। करीब आधे घंटे बाद पत्नी को होश आया। स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।