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Varanasi News: व्हॉट्सएप-इंस्टाग्राम की मदद से बेचते थे अवैध असलहे, सात आरोपी गिरफ्तार

Tue, 16 Jun 2026 12:28 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में अवैध शस्त्र और कारतूस बेचने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। 
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पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी जिले की चोलापुर पुलिस और एसओजी की टीम ने मंगलवार की सुबह कटारी ब्लॉक के पास से व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की मदद से अवैध असलहों, कारतूस की खरीद-फरोख्त के आरोप में हिस्ट्रीशीटर अखिलेश उर्फ मोनू राजभर सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अखिलेश ही मुख्य आरोपी है। आरोपियों के पास से दो पिस्टल समेत चार असलहे, 13 गोलियां, छह मोबाइल फोन और चोरी की बाइक बरामद की गई है। एक पिस्टल की खरीद-बिक्री पर आरोपियों को 60 हजार रुपये मिलते थे। 

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डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में रैचनपुर निवासी अखिलेश उर्फ मोनू राजभर, अटेसुआ निवासी अरुण राजभर, चौबेपुर के धौरहरा निवासी हिमांशु कुमार उर्फ सनी, शिवरामपुर निवासी आभास सिंह, नेहियां निवासी विशाल सिंह, गोसाईंपुर मोहांव निवासी अनिकेत चौहान, गुरवट निवासी नमन मिश्रा उर्फ अस्तीशु शामिल हैं। 

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मुख्य आरोपी अखिलेश, हिमांशु और अरुण राजभर जिला जेल में बंद थे। जेल में ही तीनों की मुलाकात बिहार के रहने वाले असलहा तस्करों से हुई थी। तीनों जब जेल से बाहर आए, तो बिहार के मुंगेर सहित अन्य जिलों से असलहों की खेप मंगाने लगे। असलहे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बेचे गए। आरोपियों ने असलहों के बारे में व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिये भी जानकारी साझा की थी। 

डीसीपी वरुणा ने बताया कि अरविंद उर्फ मोनू राजभर ने काशी विद्यापीठ से एमए की पढ़ाई है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। चोलापुर थाने की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट भी खोली है। आरोपी हिमांशु उर्फ सनी के खिलाफ भी चोलापुर थाने में आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी दर्ज है। 

असलहों की क्षमता के अनुसार आरोपियों की ओर से आगे बेचा जाता था। बिहार के असलहा तस्करों के बारे में पुलिस की टीमें जानकारियां जुटा रही हैं। ये असलहे मिले : डीसीपी वरुणा ने बताया कि आरोपियों के पास से एक रिवॉल्वर (.32 बोर) और 6 गोलियां (.32 बोर), एक पिस्टल (7.65 एमएम) और 2 गोलियां (7.65 एमएम), एक तमंचा (.315 बोर) और 3 गोलियां (.315 बोर), एक पिस्टल (9 एमएम) और 2 गोलियां मिली हैं। 
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शौक के लिए रखते थे हथियार, करते थे लूट और तस्करी
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह शौक के लिए अवैध पिस्टल, तमंचा और कारतूस रखते हैं। इन हथियारों के दम पर वह लोगों को डरा-धमका कर चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देते थे। इसके अलावा ज्यादा पैसे मिलने पर वह राह चलते लोगों को असलहे बेच भी देते थे।
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