मुख्य आरोपी अखिलेश, हिमांशु और अरुण राजभर जिला जेल में बंद थे। जेल में ही तीनों की मुलाकात बिहार के रहने वाले असलहा तस्करों से हुई थी। तीनों जब जेल से बाहर आए, तो बिहार के मुंगेर सहित अन्य जिलों से असलहों की खेप मंगाने लगे। असलहे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बेचे गए। आरोपियों ने असलहों के बारे में व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिये भी जानकारी साझा की थी।
डीसीपी वरुणा ने बताया कि अरविंद उर्फ मोनू राजभर ने काशी विद्यापीठ से एमए की पढ़ाई है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। चोलापुर थाने की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट भी खोली है। आरोपी हिमांशु उर्फ सनी के खिलाफ भी चोलापुर थाने में आर्म्स एक्ट की प्राथमिकी दर्ज है।
असलहों की क्षमता के अनुसार आरोपियों की ओर से आगे बेचा जाता था। बिहार के असलहा तस्करों के बारे में पुलिस की टीमें जानकारियां जुटा रही हैं। ये असलहे मिले : डीसीपी वरुणा ने बताया कि आरोपियों के पास से एक रिवॉल्वर (.32 बोर) और 6 गोलियां (.32 बोर), एक पिस्टल (7.65 एमएम) और 2 गोलियां (7.65 एमएम), एक तमंचा (.315 बोर) और 3 गोलियां (.315 बोर), एक पिस्टल (9 एमएम) और 2 गोलियां मिली हैं।