अमृतवाणी सीर का पूरा इलाका गूंज रहा है। मंदिर के ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि सेवादारों की संख्या सोमवार को 35 सौ से बढ़ाकर पांच हजार हो जाएगा। पंडाल को कोलकाता से मंगाए गए फूलों से पंजाब के कारीगर सजा रहे हैं।
जयंती के दिन संत निरंजन दास के सत्संग करने के लिए मुख्य पंडाल बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। सौ फीट चौड़ा और दो सौ फीट लंबा मुख्य पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल में सुरक्षा के लिए तीन हाई पावर के सीसी कै मरे लगाए जाएंगे।
वीवीआईपी आगमन को देखते हुए तैयारियां तेज
रविदास जयंती में पंजाब, दिल्ली और यूपी के सीएम के आने की संभावनाओं को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर नगर निगम साफ सफाई और प्रकाश व्यवस्था को ठीक कराने में लगा हुआ है। सीर गेट बीएचयू परिसर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई गई। पहली बार सत्संग के लिए जर्मन हैंगर का पंडाल लगाया गया है।
फूलों की बरसात से करेंगे गुरु का स्वागत
रविदासिया धर्म प्रमुख संत निरंजन दास सोमवार को दोपहर बाद कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। संत और दो हजार श्रद्धालुओं के साथ उनकी विशेष ट्रेन बनारस पहुंचेगी। कैंट रेलवे स्टेशन और मंदिर क्षेत्र में संत का फूलों की बरसात से स्वागत किया जाएगा।
रविवार को जालंधर से बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन बनारस के लिए रवाना हुई। 30 बसों के साथ ही 100 से अधिक चार पहिया वाहनों में पंजाब से आ रहे श्रद्धालुओं को सीर ले जाया जाएगा। इस बार दो स्पेशल ट्रेनों से रैदासी बनारस आ रहे हैं। पहली ट्रेन से संत निरंजन दास 14 फरवरी को बनारस आएंगे और जयंती उत्सव के दूसरे दिन 17 फरवरी को वापस जालंधर लौटेंगे।
दीप जलाकर होगी उत्सव की शुरुआत
संत रविदास की जयंती माघी पूर्णिमा पर 16 फरवरी को मनाई जाएगी। मुख्य उत्सव की शुरुआत 15 फरवरी की शाम को रविदास पार्क में दीपक जलाकर होगी। इसके बाद माघी पूर्णिमा पर निशान फहराकर जयंती समारोह शुरू हो जाएगा।