फसल का सही दाम मिले, उत्पादन लागत कम हो
सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही है और किसानों के खाते में छह हजार रुपये भी दिए जा रहे हैं तो इसका लाभ किसानों को कितना मिलेगा, इस पर पी साईंनाथ का कहना था कि किसानों को छह हजार रुपये देने की बात है तो यह स्थायी समाधान नहीं है। किसानों उनकी फसल का सही दाम मिले, उत्पादन लागत कम हो और कारपोरेट पर सरकार अंकुश लगाए तभी किसानों को लाभ होगा।
गांवों से भारी संख्या में पलायन
उन्होंने कहा कि कृषि संकट का असर अब मध्य वर्ग तक पहुंच चुका है। एलीट वर्ग अभी इस संकट से अछूता है। खेती पर संकट से गांवों से भारी संख्या में पलायन हुआ है। सरकार ने रोजगार देने की बात कही थी लेकिन आईटी सेक्टर से 60 हजार आईटी पेशेवरों को निकाला गया। सरकार ने कंज्यूमर एक्सपेंडिचर सर्वे, रोजगार के आंकडे़ और नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट पर ही रोक लगा दी है।
भूमि अधिग्रहण बिल में बदलाव की जरूरत
किसानों की हालत पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में लैंड एक्यूजिशन एक्ट 2001 में बदलाव की जरूरत है। किसानों को कलेक्टिव एग्रीमेंट के साथ ही सही मुआवजा भी मिलना चाहिए। किसी को जबरदस्ती उसकी जमीन से हटाना गलत है।