प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचा गया है। शहर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 आईपीएस के नेतृत्व में 11,500 से अधिक जवान तैनात रहेंगे।
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पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के यह जवान 19 जनवरी से ही तैनात कर दिए जाएंगे। इनमें 6000 जवान गैर जनपद और 5500 जवान जिले से होंगे। अब तक 2800 पंजीकरण हुए हैं, इस हिसाब से देखा जाए तो हर मेहमान की सुरक्षा में चार जवान तैनात रहेंगे।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जनवरी है और सम्मेलन में 5000 प्रवासी भारतीयों के आने की संभावना जताई जा रही है। इस हिसाब से भी देखा जाए तो एक अतिथि पर दो से अधिक जवान तैनात होंगे। उधर, निगरानी के लिए ऐढ़े स्थित टेंट सिटी व आसपास, बड़ा लाल स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल, स्टेडियम व आसपास और शहर भर में 447 सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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यह काम 15 जनवरी तक पूरा होना है। टीएफसी की ओर व्यू कटर लगाया जाएगा। कार्यक्रम स्थलों के आसपास की ऊंची इमारतों पर रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी। सोमवार को एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री कार्यालय में जिले के पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में बैठक हुई।
एडीजी जोन ने कहा कि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही न होने पाए। अभिसूचना संकलन का काम गंभीरता से किया जाए। प्रवासी भारतीयों से संबंधित आयोजन स्थलों के साथ ही गंगा घाटों और शहर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस प्रभावी तरीके से गश्त करे।
एक नजर में
यूपी पुलिस
- 10 आईपीएस संभालेंगे व्यवस्था की कमान
- 20 एएसपी, 43 डीएसपी भी रहेंगे तैनात
- 4,000 होगी दरोगा और सिपाहियों की संख्या
- 11,500 से अधिक जवान 19 जनवरी से होंगे तैनात
- 10 कंपनी पीएसी और 12 कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स मांगी
- 447 सीसी कैमरों से भी होगी निगरानी
- 18 वॉच टॉवर से निगरानी की जाएगी
- एटीएस कमांडो, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, एंटी माइंस डिटेक्शन यूनिट और अग्निशमन दस्ता प्रत्येक कार्यक्रम स्थल पर तैनात रहेगा
काशी के आतिथ्य के लिए प्रवासी भी उत्साहित हैं। 21 से 23 तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए अब तक 48 वीवीआईपी के साथ 2800 अतिथियों ने बुकिंग करा ली है। जिन घरों, होटल और टेंट सिटी में बुकिंग हो रही है, उनको विभाग ने सुविधा और सेवा बारे में अवगत करा दिया है। सम्मेलन में करीब पांच हजार प्रवासी भारतीयों के आने की संभावना है। इसे देखते हुए बुकिंग भी शुरू हो गई है।
अब तक 2800 अतिथियों ने बुकिंग करा ली है, जिसमें से 500 होम स्टे करेंगे। 100 से अधिक अतिथियों ने टेंट में बुकिंग कराई है। इसमें 48 वीवीआईपी हैं, जिनके लिए मंत्रालय ने अपनी ओर से बुकिंग कराई है। अपने घरों में जगह देने वाले लोगों के 156 कमरों को सुविधा युक्त किया गया है।
‘आओ भारत जाने’ योजना में 150 बच्चों के रुकने की व्यवस्था की गई है। ये वे बच्चे हैं जो संस्कृति विभाग की ओर से होने वाले कार्यक्रमों में प्रस्तुति देंगे। इनके लिए पांच स्थान चिह्नित किए गए हैं। सारनाथ के वियतनाम मंदिर गेस्ट हाउस में 45, सनबीम वरुणा में 20, करसड़ा के सनसिटी में 15, वरुणा विहार कॉलोनी में 12 और वरुणा पुल स्थित सात्विक इंटरनेशनल में आठ कमरे बुक किए गए हैं।
वहीं प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान ही पौष पूर्णिमा का स्नान होने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शहर में उमड़ेगी। इसके मद्देनजर पुलिस अधिकारियों ने रेलवे से अनुरोध किया है कि स्टेशनों के अलावा शहर में गोदौलिया, मैदागिन, रामापुरा, सोनारपुरा, रथयात्रा, सिगरा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रेनों के आवागमन संबंधी डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएं।
उधर, गंगा घाटों पर परंपरागत तरीके से पूजापाठ कराने और नाव चलाने वाले ही सम्मेलन के दौरान मौजूद रह सकेंगे। किसी नए पंडित या नए नाविक को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम घाट किनारे पूजापाठ कराने वाले पंडितों और नाविकों से समन्वय बनाकर काम करेगी।