बीएचयू गेट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ छात्रों की नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
कुछ देर बाद ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने ताला तोड़ दिया। शाम करीब पांच बजे अचानक माहौल बिगड़ गया। छात्रों का आरोप है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मौजूदगी में सुरक्षाकर्मियों ने उन पर लाठियां भांजी और पिटाई की, जिससे कि छात्रों को चोट आई है। इधर बीएचयू प्रशासन ने जिला, पुलिस प्रशासन को घटना की लिखित जानकारी दे दी है। हालांकि अभी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ऑन लाइन के साथ ऑफ लाइन क्लास की मांग को लेकर बीएचयू कुलपति आवास से केंद्रीय कार्यालय तक बुधवार को विरोध मार्च निकालते छात्र।
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केंद्रीय कार्यालय पर घटना के विरोध में शाम को छात्र मुख्य द्वार पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उधर सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। छात्रों की संख्या अधिक होने की वजह से यहां पीएसी भी तैनात कर दी गई है। पुलिस अधिकारी और बीएचयू प्रशासन से जुड़े अधिकारी छात्रों को समझाने में देर रात तक लगे रहे लेकिन छात्र सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
केंद्रीय कार्यालय पर धरना दे रहे छात्रों को समझाया गया लेकिन वह नहीं माने। सुरक्षा कर्मियों द्वारा लाठी भांजने और पिटाई का छात्रों का आरोप गलत है। घटना में कई सुरक्षाकर्मियों के उंगली में चोट आई है। मुख्य द्वार पर धरना देने वालों में बहुत से बाहरी छात्र हैं। -प्रो. बीसी कॉपरी, चीफ प्रॉक्टर बीएचयू