कोरोना की तीसरी लहर में बंद रहे कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूल 48 दिन बाद सोमवार से खुले। पीठ पर बस्ता लादे, कंधे पर पानी की बोतल और चेहरे में मुस्कान लिए बच्चे जैसे ही स्कूल के गेट पर पहुंचे, शिक्षकों ने माथे पर तिलक कर फूल बरसाए और बच्चों को टॉफी और चॉकलेट दी। तालियां की गूंज से उनका स्वागत किया गया। कुछ स्कूलों में शिक्षक अपने हाथों में वेलकम बैक स्कूल कापोस्टर लेकर बच्चों का स्वागत किया। इस दौरान शिक्षकों ने हाथ सैनिटाइज कराए, मुंह पर मास्क लगवाने के बाद बच्चों का विद्यालय परिसर में प्रवेश दिया गया।
बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित 1144 विद्यालयों समेत करीब 2000 स्कूलों में बच्चों के स्वागत के लिए तैयारी की गई थी। गुब्बारों और रंगोली से स्कूल सजाए गए थे। वहीं पिंडरा के प्राथमिक विद्यालय सैरागोपालपुर में बाल संसद के बच्चों ने ये जिम्मेदारी उठाई। प्राथमिक विद्यालय भिटारी में प्रधानाध्यापक रविंद्र सिंह व कंपोजिट विद्यालय मोहनसराय की प्रधानाध्यापक ज्योत्सना सिंह ने ताली बजाकर व माथे पर टीका लगाकर बच्चों का स्वागत किया।
कक्षाओं में हुआ कोविड प्रोटोकॉल का पालन
परिषदीय विद्यालयों में कक्षाओं में कोविड प्रोटोकॉल के तहत बच्चों को दूर-दूर बैठाया गया था। मध्याह्न भोजन के दौरान भी बच्चों को सामाजिक दूरी पर बैठाकर भोजन कराया गया। हालांकि उच्च प्राथमिक विद्यालय छित्तूपुर में बच्चे बिना मास्क क्लास में बैठे दिखे। प्राथमिक विद्यालय मुंगवार में जिन बच्चों ने गृह कार्य पूरा किया था उनको पुरस्कृत किया गया। शिक्षकों की ओर से बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।
पुलवामा के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
प्राथमिक विद्यालय पिंडरा में स्कूल में पहले दिन की प्रार्थना सभा में पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान प्रधानाध्यापक मनोज सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
पहले दिन रहीं 40 फीसदी उपस्थिति
शहर के स्कूलों के साथ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पहले दिन 40 फीसदी बच्चों की उपस्थिति रही। प्राथमिक विद्यालय हरदत्तपुर की प्रधानाध्यापक पूनम चौरसिया ने बताया कि पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही, एक दो दिन में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी।
बोले बच्चे
स्कूल में आकर और दोस्तों से मिलकर अच्छा लग रहा है। कक्षा में बैठकर शिक्षक को सामने से देखकर पढ़ने की आदत हो गई है। ऑनलाइन क्लास में मजा नहीं आता है।- आशीष सोनी, कक्षा सात
ऑनलाइन क्लास में काफी दिक्कतें होती है। काफी दिनों बाद विद्यालय आकर पढ़ाई करेंगे, इससे खुश हूं। कक्षा में सभी को कोविड प्रोटोकॉल के तहत बैठाया गया था।- ऋतु प्रजापति, कक्षा छह