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मिर्जापुर में बच्चों से भरी स्कूल वैन नहर में पलटी, LKG-UKG के बच्चे थे सवार

Wed, 08 Nov 2017 08:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
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हादसा होते ही चालक फरार हो गया - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार सुबह बच्चों से भरी स्कूल वैन  ट्रैक्टर से बचने के चक्कर में नहर में पलट गई। बस में एलकेज व यूकेजी के 27 बच्चे सवार थे। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने सभी को बचा लिया। घटना सुबह सुबह साढ़े आठ बजे महुगढ़ गांव के सामने घटी।
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श्रीरामा इंटरनेशनल स्कूल, हरषण की स्कूल बस जब नहर में पलटी तो चालक बस छोड़कर फरार हो गया।  

स्कूल के प्रिंसिपल अनुपम शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर लिया। मिर्जापुर डीएम विमल कुमार दुबे ने बच्चों को बचाने वालों को सम्मानित करने की घोषणा की है।

हलिया थाना क्षेत्र के हरषण गांव स्थित श्री रामा इंटरनेशनल स्कूल से संबद्ध मैक्स वैन बुधवार की सुबह गड़बड़ा गोकुल, इंद्रवार तथा महुगढ़ गांव के 27 बच्चों को लेकर विद्यालय जा रही थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे सुखरा नहर के मोड़ पर खड़े ट्रैक्टर से बचने के चक्कर में चालक ने संतुलन खो दिया और वैन नहर में पलट गई। हादसा होते ही चालक फरार हो गया।
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चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे।  स्कूल के प्रबंधक रामाश्रय शुक्ल तथा प्रिंसिपल अनुपम शर्मा ने बताया कि मैक्स वाहन गड़बड़ा गोकुल निवासी शेरमनि गुप्ता का है। वह स्कूल से संबद्ध है। सितई नामक चालक वाहन चला चला रहा था। संभवत: उसकी लापरवाही से हादसा हुआ है।

वैन में गड़बड़ा गोकुल गांव से गौरव जायसवाल, सौरव जायसवाल, शौर्य जायसवाल, श्रेया जायसवाल, श्वेता कुमारी, कर्तव्य, अनुराग चौरसिया, इंद्रवार गांव से प्रशांत कुमार, सिद्धांत राय, सिद्धांत मिश्र, प्रहलाद, अर्पित कुमार, अनुराग राय, अभिषेक राय तथा अमदह गांव से कुल 27 बच्चे सवार थे। 

देवदूत बन कर पहुंचे दो दंपति

वैन - फोटो : अमर उजाला
सुखरा मुख्य नहर के पास मौजूद चार महिला व पुरुष वैन में सवार बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए भगवान के भेजे दूत साबित हुए। इन लोगों ने बस के नहर में गिरते ही तत्काल नहर में कूद कर सभी बच्चों को सकुशल बचा लिया।

दुर्घटना स्थल पर तुरंत पहुंच कर मासूम बच्चों को बचाने वाले चारों दंपति महुगढ गांव के ही निवासी हैं। संयोग था कि उन देव दूतों का घर नहर के किनारे ही स्थित है।

नहर में स्कूल वैन पलटते समय अपने दरवाजे पर ही मौजूद संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि जानकारी होते ही वे तथा उनकी पत्नी माया शर्मा तथा पड़ोसी महेंद्र कुमार व उनकी पत्नी चन्द्र कली भी तत्काल मौके पर पहुंच गए, और तुरंत नहर में उतर कर सभी बच्चों को सकुशल बाहर निकाला लिया।

महेंद्र कुमार ने बताया कि बचाव कार्य में थोड़ा भी विलंब होता तो उसके बाद की स्थिति की कल्पना नहीं की जा सकती है । बचाव दल में शामिल महिला माया शर्मा तथा चंद्र कली ने बताया कि हमने अपने मानवीय कर्तव्य का पालन किया है।

सभी बच्चों को सकुशल बचाने में महती भूमिका निभाने वाले चारों  की लोग मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं। 

गनीमत कि नहर में कम था पानी

मात्र ढाई फीट पानी होने से नहीं डूबी गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
हलिया के सुखरा नहर में अगर पानी भरा होता तो बुधवार को चालक की लापरवाही से सुखरा नहर में गिरे स्कूल वाहन में सवार 27 छात्र छात्राओं की डूबने से मौत हो जाती। संयोग था कि नहर में जिस समय स्कूल वाहन गिरा उस समय मात्र ढाई फीट पानी था।

जिसके चलते वाहन उसमें नहीं डूबा लेकिन कई बच्चों के पानी पी लेने से उनकी हालत जरूर खराब हो गई। बच्चों की जान बचाने में नहर किनारे झोपड़ी लगा कर रह रहे दो दंपती  का भी बड़ा सहयोग है। 

बुुधवार की सुबह नहर में गिरे स्कूल वाहन को बड़े हादसे हादसे को टालने में सबसे बड़ा रोल नहर में पानी का कम होना रहा। अगर पानी अधिक रहता तो बुधवार का दिन हलिया के लिए काला दिन रहता। हर तरफ चीख पुकार मची होती, लेकिन ईश्वर ने ऐसा कुछ होने नहीं दिया।

चालक की लापरवाही से पुल से लगभग 15 फीट नीचे नहर में स्कूल वाहन गिरने के बावजूद सबकुठ ठीक रहा। वाहन में सवार किसी बच्चे के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई। इससे उनके परिजनों एवं पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।

बता दे कि अदवा एवं सुखरा बांध में पानी कम होने चलते इन दिनों नहरों में सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया है। जिससे नहरों में इन दिनों पानी काफी है। वर्तमान समय में सुखरा नहर में पवारी पुलिया के पास मात्र ढाई फीट पानी मौजूद है। जिसके चलते बुधवार को बड़ी घटना होते होते टल गया।
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बदहवास घटना स्थल की ओर दौड़े अभिभावक

वैन - फोटो : अमर उजाला
सुखरा मुख्य नहर में बच्चों से भरी स्कूल बैन के पलट जाने की सूचना मिलते ही उनके अभिभावक किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हो गए। जानकारी मिलते ही जो अभिभावक जहां थे वहीं बदहवास दुर्घटना स्थल की ओर निकल पड़े ।

रास्ते भर लोग अपने संभावित सूत्रों से दूरभाष पर जानकारी हासिल करने की कोशिश में लगे रहे । लेकिन दुर्घटना के बाद सभी बच्चों को सकुशल बचा लेने की जानकारी मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली ।

इंद्रवार निवासी सिद्धांत मिश्र के पिता अंजनी कुमार मिश्र, सिद्धांत राय के पिता गणेश शंकर राय, अमदह निवासिनी परी सिंह के पिता प्रकाश सिंह, सौम्य सिंह के पिता मुकेश सिंह, गड़बड़ा गोकुल निवासी गौरव जायसवाल के पिता राकेश कुमार जायसवाल श्रेया जायसवाल के पिता राजेश कुमार सहित कई अन्य अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे दुर्घटना में सकुशल बच गए।

अभिभावकों ने कहा कि नहर के बहते पानी में गिरे मासूम बच्चों को बचाने वाले चारों लोग भगवान बनकर खड़े हो गए, नहीं आज कई घरों के चिराग बुझ गए होते ।
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