सावन के सभी सोमवार को वीआईपी दर्शन और सुगम दर्शन पर रोक रहेगी। बाबा के धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन का भी नया रिकॉर्ड बनने के आसार हैं। पिछले साल सावन में जहां श्रद्धालुओं की संख्या एक करोड़ तक पहुंच गई थी। वहीं, इस बार यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक होने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ही मंदिर प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। भीड़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
उधर कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पूर्वांचल भर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। सावन के सोमवार को यहां तीन से चार लाख श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए आते हैं। मंदिर में सावन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर बीएचयू, जागेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, कर्दमेश्वर, गौरी केदारेश्वर, शूलटंकेश्वर, रामेश्वर, ऋणमुक्तेश्वर सहित शहर के शिव मंदिरों में सावन की तैयारियां जोरों से चल रही हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि चार जुलाई से सावन मास की शुरुआत हो रही है। अधिमास के कारण इस बार यह दो महीने तक रहेगा। सावन की समाप्ति 31 अगस्त को होगी। इस तरह का संयोग 19 साल पहले 2004 में बना था। अधिमास की शुरुआत 18 जुलाई को होगी और यह 16 अगस्त तक रहेगा।
मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी से ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके अनुसार ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। - सुनील कुमार वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी