जून में प्रतिदिन औसतन एक लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। शनिवार-रविवार व सोमवार को ये संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख पहुंच जाती है। बारिश के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। पिछले सावन में सोमवार के दिन श्रद्धालु संख्या छह लाख के पार तक पहुंच गई थी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।
गंगा द्वार से वीआईपी करेंगे प्रवेश, नावों का बनेगा रूट
विश्वनाथ मंदिर में अब 40 फीसदी श्रद्धालु गंगा घाट की तरफ से मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए टेंट, मैटिंग, कूलर, पंखे और आरओ वाटर उपलब्ध कराया गया है। शहर की भीड़ से बचने के लिए सावन में वीआईपी के प्रवेश के लिए भी गंगा द्वार का ही उपयोग किया जाएगा। इसके लिए अस्सी और नमो घाट से नावों का रूट भी तैयार किया जाएगा।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 27 जून को समीक्षा बैठक
मंदिर की व्यवस्थाओं और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 27 जून को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें अब तक हुई तैयारियों की समीक्षा के साथ भक्तों के लिए किए जाने वाले इंतजामों पर चर्चा होगी। इसके बाद एक जुलाई से मंदिर में सावन की व्यवस्थाओं को प्रभावी कर दिया जाएगा।
सावन में शिवभक्तों के स्वागत के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा, प्रवेश-निकास पर पूरी कार्ययोजना बनाई गई है। - डाॅ. सुनील वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, काशी विश्वनाथ धाम