अंबरीश सिंह किसी तरह वहां से भागे और डायल 112 नंबर पर सूचना दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही ओम प्रकाश सिंह महमूरगंज के राजेंद्र गोयनका के घर से जा चुके थे। अंबरीश सिंह ने पुलिस को बताया कि वह ओम प्रकाश सिंह की धमकी से डरे हैं। आशंका है कि वह उनके साथ कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना कर या करा सकते हैं।
इस संबंध में सिगरा थानाध्यक्ष राजू सिंह ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण, वादी व गवाहों के बयान और अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई में सामने आए तथ्यों व साक्ष्य के आधार पर नामजद अभियुक्त के खिलाफ मुकदमे के विवेचक ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए हैं। अब मामले में अदालत को सुनवाई करनी है।