काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
सावन मास में काशी आने वाले वीआईपी व्यक्तियों को भी दोपहर तीन से पांच बजे तक दर्शन की सुविधा दी जाएगी। इसलिए प्रशासन संभावित वीआईपी को पत्र लिखेगा और निर्धारित अवधि में ही दर्शन पूजन के लिए आमंत्रित करेगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार को शिवभक्तों की लंबी कतार लगती है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि सावन के पहले सोमवार को पांच से सात लाख श्रद्धालु आएंगे। इसके लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में चारों द्वार से प्रवेश और निकास की सुविधा देने का फैसला लिया गया है।
मंदिर परिसर से गंगा घाट तक पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाएगी। मैदागिन से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क ई रिक्शा का संचालन किया जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर के सेवादार और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सेवा में लगाया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर में लगी कतार
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सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए अधिक से अधिक श्रद्धालु गंगा द्वार से जाएं, इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस की ओर से साइनेज बोर्ड लगवाए गए हैं। एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि विश्वनाथ धाम आने वाले को श्रद्धालुओं गंगा स्नान के बाद गंगा द्वार के माध्यम से सुगम दर्शन के संबंध में जानकारी देने के लिए गोदौलिया से लगायत दशाश्वमेध घाट होते हुए ललिता घाट तक जगह-जगह लगवाए गए हैं।
इसके अलावा गंगा स्नान और भीड़ में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी साइनेज बोर्ड में बताया गया है। एसीपी दशाश्वमेध ने कहा कि गंगा द्वार की ओर से श्रद्धालु विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के लिए जाएंगे तो गोदौलिया से चौक मार्ग पर भीड़ का दबाव कम होगा और सभी को सहूलियत भी होगी।