कांवरियों से पट गए शिविर :
प्रदोष पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों ने सुबह ही दशाश्वमेध घाट के समीप स्थित चितरंजन पार्क में बने शरण स्थली में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। शरण स्थली में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। अंदर प्रवेश से पहले ही कांवरियों और शिवभक्तों की चेकिंग की जा रही है। कमोवेश यही हाल लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला और रथयात्रा चौराहे पर भी है।
इसके अलावा भी कांवरियों के लिए शहर में कई स्थानों पर कांवरिया शिविर लगाए गए हैं। वहां पर रात्रि विश्राम के साथ ही उनके रहने, सोने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। प्रभाकर यादव ने बताया कि सिंधी धर्मशाला में छह हजार से अधिक शिवभक्त पहुंच चुके हैं।
शिविर में नहीं मिले सफाईकर्मी :
कांवरियों की सेवा के लिए सिंधी धर्मशाला में लगाए गए श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति नगर निगम की ओर से सफाई कर्मियों को तैनात नहीं किया गया है। इसके कारण शिविर के पदाधिकारियों को ही स्वयं सफाई करनी पड़ रही है।
हेलीकाप्टर द्वारा घाटों पर की गई पुष्पवर्षा :
सावन के महीने में बाबा भोले नाथ की नगरी में आए कावरियों और दशनार्थियों के ऊपर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर से दशाश्वमेघ घाट, शीतला घाट, अहिल्याबाई घाट आदि दर्जनों घाटों पर गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा की गई। घाटों पर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के उदघोष के साथ पुष्पवर्षा का स्वागत किया।