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सावन का दूसरा सोमवार : केसरिया मय हुई काशी, बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लगी लंबी कतारें

Mon, 29 Jul 2019 12:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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सावन के दूसरे सोमवार और तेरस के संयोग से काशी में शिवभक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। रविवार सुबह से ही मंडुवाडीह से दशाश्वमेध घाट तक कांवरियों का हुजूम नजर आ रहा है। दशाश्वमेध घाट और गंगा तट से मंदिर तक आने वाली सड़क पर केसरिया वेशधारी शिवभक्तों का बम-बम, हर-हर का जयघोष हर किसी को भक्ति के भाव से भर गया।

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विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के बाद सोमवार सुबह 4 बजे आम भक्तों के लिए पट खोल दिए गए। एक कतार चौक निचीबाग के आगे तो दूसरी गोदौलिया से लक्सा तक थी। सबह 10 बजे तक 1 लाख 22 हजार लोगों ने दर्शन कर लिए थे। रविवार शाम को बरसात के बीच सैकड़ों की संख्या में कांवरिये भीगते हुए काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते रहे।

रविवार दोपहर तीन बजे तक 70 हजार भक्तों ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। मंदिर बंद होने तक यह आंकड़ा एक लाख तक पहुंचा गया। सावन के दूसरे सोमवार को प्रदोष होने के कारण बाबा विश्वनाथ दरबार में दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए कांवरिया जत्थे कई जिलों से काशी पहुंच रहे हैं।
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गंगा घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब


हजारों की संख्या में कांवरियों को जल पुलिस द्वारा दशाश्वमेध घाट पर गहरे पानी में जाने से मना किया जा रहा था। विश्वनाथ मंदिर में कांवरियों को कोतवाल पुरा से प्रवेश और सरस्वती फाटक से निकासी की जा रही थी। मध्याह्न आरती से पहले भक्तों को चार नंबर द्वार से प्रवेश दिया गया। सोमवार को अभिषेक के लिए दोपहर से कतार लग गई। मंगला आरती के सभी टिकट बुक हो गए और सुगम दर्शन के लिए 1150 टिकट काटे गए।

कांवरियों से पट गए शिविर :
प्रदोष पर जलाभिषेक के लिए कांवरियों ने सुबह ही दशाश्वमेध घाट के समीप स्थित चितरंजन पार्क में बने शरण स्थली में अपनी जगह सुरक्षित कर ली। शरण स्थली में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। अंदर प्रवेश से पहले ही कांवरियों और शिवभक्तों की चेकिंग की जा रही है। कमोवेश यही हाल लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला और रथयात्रा चौराहे पर भी है।

इसके अलावा भी कांवरियों के लिए शहर में कई स्थानों पर कांवरिया शिविर लगाए गए हैं। वहां पर रात्रि विश्राम के साथ ही उनके रहने, सोने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। प्रभाकर यादव ने बताया कि सिंधी धर्मशाला में छह हजार से अधिक शिवभक्त पहुंच चुके हैं।

शिविर में नहीं मिले सफाईकर्मी :
कांवरियों की सेवा के लिए सिंधी धर्मशाला में लगाए गए श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति नगर निगम की ओर से सफाई कर्मियों को तैनात नहीं किया गया है। इसके कारण शिविर के पदाधिकारियों को ही स्वयं सफाई करनी पड़ रही है।
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हेलीकाप्टर द्वारा घाटों पर की गई पुष्पवर्षा :
सावन के महीने में बाबा भोले नाथ की नगरी में आए कावरियों और दशनार्थियों के ऊपर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर से दशाश्वमेघ घाट, शीतला घाट, अहिल्याबाई घाट आदि दर्जनों घाटों पर गुलाब की पंखुड़ियों की पुष्प वर्षा की गई। घाटों पर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के उदघोष के साथ पुष्पवर्षा का स्वागत किया।
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