इसके पीछे की वजह है कि 30 जून 2020 को ही संविदा की अवधि समाप्त हो चुकी है। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वेतन रोक कर शोषण करने का आरोप लगाते हुए इस दिशा में न्याय की गुहार लगाई है।
कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से संविदा शिक्षकों की वेबसाइट पर पड़े ई-कंटेंट को भी हटाया जा रहा है, जोकि न्याय संगत नही है। शिक्षकों ने कुलपति से वेतन दिए जाने की दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो राज्यपाल से मिलकर भी गुहार लगाएंगे। इस दौरान डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. अविनाश सिह, सुमित कुमार घोष, डॉ. मानिक चंद पांडेय, डॉ. मनोज कुमार गौतम, दिलीप कुमार सिंह, डॉ. मनोहर लाल आदि शिक्षक मौजूद रहे।