प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के आदेश पर जिलाध्यक्षी की कुर्सी छिनने के बाद सतीश फौजी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचे। मुख्यमंत्री से दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि उन्हें किस खता की सजा दी गई है।
उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया था और शिवपाल यादव ने हटा दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने का आश्वासन दते हुए वापस किया।
शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच चल रहे विवाद के बीच ही दोनों गुटों से जुड़े लोग लखनऊ पहुंच रहे हैं और अपने नेताओं से मिल रहे हैं। सतीश फौजी भी इसी क्रम में शनिवार को अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में सपा ने जिला पंचायत में सीटें जीती और जिला पंचायत अध्यक्ष पर उनकी पार्टी का कब्जा हुआ। रोहनिया विधानसभा की सीट भी उन्हीं के कार्यकाल में जीती गई।