PM Modi: पटना में दिए गए लालू प्रसाद यादव के विवादित बयान पर काशी के संत समाज में काफी रोष है। संतों ने लालू के बयान पर कड़ा ऐतराज भी जताया है। उन्होंने कहा है कि हिंदुत्व और प्रभु श्रीराम के खिलाफ बयानबाजी करने वाले लोग हिंदू नहीं हो सकते।
राजद नेता तेजस्वी यादव की पटना में आयोजित जन विश्वास यात्रा में लालू प्रसाद यादव के उस बयान पर काशी के संत-समाज ने नाराजगी जताई जिसमें यह कहा गया था कि ‘प्रधानमंत्री मोदी हिंदू नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी मां के निधन पर अपने सिर और दाढ़ी के बालू नहीं कटवाए।’
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इस बयान पर रोष जताते हुए अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद्र सरस्वती ने कहा है कि ये वही लालू हैं जिन्होंने राहुल गांधी को पितृपक्ष के समय मटन बनाना सिखाया था। आज वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदू न होने को सर्टिफिकेट दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के समय मटन खाने वाला व्यक्ति हिंदू कैसे हो सकता है?
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स्वामी जीतेंद्रानंद ने कहा कि लालू की पत्नी राबड़ी देवी अपने घर में ताजिया रखती हैं। कहा कि आप ही वो शख्स हैं, जिन्होंने एक रैली में सार्वजनिक रुप से अयोध्या में प्रभु श्रीराम के पैदा होने पर सवाल उठाया था, प्रमाण मांगा था। ऐसे कृत्य करने वाले पीएम मोदी या अन्य सनातनियों को हिंदुत्व की परीभाषा न सिखाएं। आज पीएम मोदी के कारण ही सभी सनातनियों को उनके संघर्षों का परिणाम 495 वर्ष बाद मिला है।
यह है मामला
बता दें कि तीन मार्च को बिहार में आयोजित राजद नेता तेजस्वी यादव की जन विश्वास यात्रा के दौरान लालू प्रसाद ने भाजपा समेत नीतीश कुमार पर खूब कटाक्ष किया था। इसी रैली में लालू ने पीएम मोदी के हिंदू होने पर सवाल उठाया था। पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के कई लोग शामिल रहे।