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रविदास जयंती 2022: संत निरंजन दास श्रद्धालुओं के साथ बनारस पहुंचे, ढोल-नगाड़े और फूलों से हुआ स्वागत

Mon, 14 Feb 2022 08:38 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

संत निरंजन दास, संतों और श्रद्धालुओं के साथ बाहर आए तो ढोल-नगाड़े और फूलों की बरसात से श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। पूरा परिसर सदगुरु महाराज की जय के जयकारे से गूंजता रहा। 
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वाराणसी में सोमवार को कैंट स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन बेगमपुरा से पंहुचे रविदासिया धर्म प्रमुख संत निरंजन दास। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संत शिरोमणि संत रविदास की जयंती समारोह का रंग अब बेगमपुरा में भव्य रूप में नजर आने लगा है। सोमवार शाम को संत निरंजन दास वाराणसी पहुंचे। रैदासियों ने रविदासिया धर्म प्रमुख का फूलों से स्वागत किया। इसके बाद मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद पूरा मेला क्षेत्र रविदास शक्ति अमर रहे, जो बोले सो निर्भय और सदगुरु महाराज की जय के जयकारों से गूंज उठा। 

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सोमवार को रविदासिया धर्म प्रमुख संत निरंजन दास का काफिला बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से शाम 5:30 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंचा। साढ़े पांच घंटे की देरी से ट्रेन पहुंचने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था। स्टेशन परिसर से जैसे ही संत निरंजन दास, संतों और श्रद्धालुओं के साथ पंजाब पुलिस के सुरक्षा घेरे में बाहर आए तो ढोल-नगाड़े और फूलों की बरसात से श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।

इसके बाद उनका काफिला सीरगोवर्धन के लिए रवाना हो गया। सीर में जैसे ही गुरु के आने की खबर मिली रास्ते भर श्रद्धालु फूल लेकर खड़े रहे। उन्होंने संत निरंजन दास के काफिले पर फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरा परिसर सदगुरु महाराज की जय के जयकारे से गूंजता रहा। देर शाम को संत निरंजन दास ने संतों की टोली के साथ सत्संग स्थल समेत संपूर्ण मेला क्षेत्र का जायजा लिया। 

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निखर उठी संगत और पंगत की रंगत

सज-धजकर तैयार संत रविदास मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को सीर गोवर्धन में संगत और पंगत की रंगत निखर उठी। जगह-जगह सेवा और समर्पण के नजारे आम थे। एक तरफ रविदास मंदिर में भक्तों की लंबी कतार लगी थी तो दूसरी ओर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सेवादार भी मुस्तैद थे। संत रविदास की मूर्ति पर नए वस्त्र चढ़ाने वाले भक्तों की लंबी कतार लगी रही। कुछ भक्तों ने नए कपड़ों के गट्ठर भी ले रखे थे। उन्होंने बताया कि ये कपड़े पंजाब में उन लोगों के बीच प्रसाद के तौर पर वितरित किए जाएंगे जो कोरोना संक्रमण के कारण से यहां तक नहीं आ सके हैं। रविदास मंदिर के द्वार और मंदिर के साथ सेल्फ ी लेने वालों की भी होड़ लगी रही। 

भजन कीर्तन से हुआ गुलजार
भक्तों के निवास कैंप के बाहर भजन कीर्तन का दौर भी चलता रहा। कहीं कीर्तन तो कहीं पंडवानी तो कहीं लोकगीतों के जरिए गुरु के गुणों का बखान करते हुए श्रद्धालु नाच गा रहे थे। हर साल के मुकाबले दुकानों की संख्या कम होने के बाद भी मेले में शायद ही कोई ऐसी दुकान हों जहां खरीदारों की भीड़ न हो। जूतियों, कपड़ों, साड़ियों, सलवार सूट, शृंगार के साजोसामान से लेकर खिलौनों और चाट पकौड़े की दुकानों पर जमकर खरीददारी हो रही थी।

दूसरों के जूते साफ  करना ही सेवा

संत रविदास जयंती के अवसर पर वाराणसी में सोमवार को संत रविदास मंदिर में दर्शन करते संत निरंजन दास । - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के ठीक सामने वाली गली में जूता स्टैंड बना है। इस स्टैंड पर लोग धूल में सने जूते रख कर जा रहे हैं और जब लौट रहे हैं तो उनके जूते चमचमाते हुए मिल रहे हैं। जूता स्टैंड पर सेवा देने वाले भक्तों ने बताया कि दूसरों के जूते साफ  करना भी धर्म का ही काम है। हम यह सेवा करके खुद को आनंदित महसूस कर रहे हैं।

तीन दिन चलने वाला मालवा लंगर शुरू 
नौ सालों से संत रविदास विद्यालय में मालवा लंगर कमेटी पंजाब की तरफ से तीन दिन तक चलने वाला लंगर सोमवार की दोपहर बाद शुरू हो गया। मालवा लंगर कमेटी के चेयरमैन लालचंद्र ने बताया कि लगभग चार सौ सेवादार ट्रक में सामान लेकर आते हैं और उनकी कमेटी की  तरफ से ब्रेड पकौड़ा, नमकीन, बुनिया, खुरमा, पकौड़ी और चाय का तीन दिन तक लंगर चलाती है।

78 सदस्य मिलकर मालवा लंगर कमेटी को संचालित करते हैं। कमेटी के लोग जयंती का समापन होने के बाद जाते समय रविदास विद्यालय में कुछ नया काम करवाकर जाते हैं। यहां के बच्चों को उपहार भी बांटते हैं। इसके अलावा दो और लंगर पंजाब और जालंधर से आए लोग चला रहे हैं।

पंडालों में अब नहीं बची जगह

संत रविदास जयंती के अवसर पर वाराणसी में सोमवार को सीरगोवर्धन में नाचती-गातीं महिलाएं । - फोटो : अमर उजाला
मेला क्षेत्र में आने वाले संगत को रहने के लिए पंडालों में अब जगह नहीं बची है। मंदिर परिसर पूरे मेला क्षेत्र में जगह-जगह रंग-बिरंगी झालर-बत्तियों से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार संगत की संख्या करीब 50 हजार के ऊपर पहुंच गई है। सेवादारों की संख्या लगभग छह हजार हो गई है। मेले में दर्जनों छोटे-बड़े झूले और चरखी लगाई गई हैं, जिसका बच्चे आनन्द उठा रहे हैं।
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पंडालों के बाहर बने चार्जर पॉइंट, लगे मोबाइल टॉयलेट

वाराणसी में सोमवार को सीरगोवर्धन संत रविदास मंदिर पहुंचे संत निरंजन दास । - फोटो : अमर उजाला
जयंती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और सेवादारों के खाने-पीने और दवा की व्यवस्था के साथ ही उनके मोबाइल चार्ज करने के लिए पंडालों के बाहर दर्जनों चार्जर पॉइंट बनाये गए हैं। जलकल और नगर निगम की तरफ से पंडाल और मेले परिसर में मोबाइल टॉयलेट के साथ ही अस्थाई पानी के लिये टोटी लगाकर नल लगाए गए हैं। इससे संगत को पीने के लिए पेयजल की समस्या नहीं होगी। जलकल की तरफ से पानी के 12 टैंकर लगवाए गए हैं। 
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