राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र में प्रांत कार्यकारिणी की बैठक में संगठनात्मक कामों और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने शताब्दी वर्ष 2025 से पहले संघ के प्रमुख सात आयामों को परिपूर्ण करने का लक्ष्य रखा और आगामी तीन वर्ष में धर्मजागरण, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, सामाजिक सद्भाव, गो संवर्धन, ग्राम विकास, जल व पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों की कार्ययोजना भी बताई।
दो सत्रों में हुई बैठक में संघ प्रमुख ने कहा कि भारत के हिंदू समाज, संस्कृति, इतिहास, यहां की जीवन पद्धति के बारे में एक सही चित्र को समाज के समक्ष रखना चाहिए। देश और विदेश में भारत के बारे में अज्ञानता के कारण या जानबूझकर भ्रांतियां फैलाने का षडयंत्र लंबे समय से चल रहा है। इस वैचारिक विमर्श को बदलकर तथ्यों पर आधारित भारत बोध के सही विमर्श को आगे बढ़ाना है। समाज में कई लोग इस विषय पर कार्य कर रहे हैं, शोध किया है और पुस्तकें लिखी हैं। विमर्श को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ भी समन्वय-सहयोग किया जाए। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आगामी वर्षों में भारत के विमर्श को मजबूत करने और उसे प्रभावी बनाने का कार्य करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में शताब्दी वर्ष से पहले तक सभी मंडलों में कार्य पहुंचाने का लक्ष्य रखा है व योजना भी बनी है। शहरी क्षेत्रों में 45 प्रतिशत बस्तियों में संघ का कार्य है, इसे भी सभी बस्तियों में ले जाने का लक्ष्य व योजना है। उन्होंने कहा, संघ का कार्य बढ़ाने का उद्देश्य संख्यात्मक आंकड़ों या गर्व के लिए नहीं है। संघ के स्वयंसेवक हर बस्ती-मंडल में हैं यानी राष्ट्रीयता, राष्ट्र भावना के साथ संकट के समय संवेदना से स्वयंसेवक सबको जोड़ देगा। इसलिए समाज की आंतरिक शक्ति बढ़नी चाहिए। सामाजिक एकता, समरसता, संगठन भाव बढ़ाना है। साथ ही तय किए गए आगामी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर पदाधिकारियों को अहम सुझाव दिए। इससे पहले संघ प्रमुख ने विश्व संवाद केंद्र की शाखा में भाग लिया और वहां मौजूद स्वयंसेवकों को दिए बौद्धिक में कहा कि भारत का परम वैभव हमारी संस्कृति की रक्षा से प्राप्त होगा। हमें समाज में सर्वसुलभ और सबके सुख की कामना वाले भाव से सक्रिय होना होगा। ताकि लोगों का विश्वास हमारे ऊपर अडिग हो।
आज संगठन और जागरण श्रेणी के पदाधिकारियों संग बैठक
संघ प्रमुख भागवत शनिवार को पूर्व प्रांत के संगठन श्रेणी (बौद्धिक शिक्षण प्रमुख, प्रांत व्यवस्था प्रमुख व इनके सहयोगियों) और दोपहर बाद बाद जागरण श्रेणी (प्रांत संपर्क प्रमुख, प्रांत सेवा प्रमुख, प्रांत प्रचार प्रमुख व सहयोगी) के साथ बैठक करेंगे। इसमें संघ प्रचारकों के अलावा विभिन्न अनुषंगिक संगठनों के प्रचारक भी शामिल होंगे। यह बैठक विभिन्न क्षेत्रों में संघ कार्य को गति देने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कल कुटुंब प्रबोधन परिवार पर बौद्धिक देंगे संघ प्रमुख
संघ के प्रमुख आयामों में शामिल कुटुंब प्रबोधन को गति देने के लिए रविवार को संघ प्रमुख कुटुंब स्नेह मिलन कार्यक्रम में बौद्धिक देेंगे। इसमें संघ के स्वयंसेवकों के अलावा विचार परिवार के लोग अपने परिवार के साथ संघ प्रमुख का प्रबोधन सुनेंगे। इस कार्यक्रम के बाद देर रात वे लखनऊ के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।