वाराणसी में शुरू हुए संघ समागम में संघ पदाधिकारी गौ, गंगा, गांव के अलावा बाबा विश्वनाथ पर भी विशेष मंथन करेंगे। संघ के एजेंडे में पहले से अयोध्या, काशी और मथुरा है। राम मंदिर निर्माण के लिए संघ प्रमुख के आगमन से एक दिन पूर्व अयोध्या से निकली रामराज्य रथयात्रा काशी पहुंची थी।
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दरअसल, 2014 लोकसभा चुनाव में जिस प्रकार से काशी को केंद्र में रखकर सरकार बनी थी, उसी तरह से इस बार भी काशी को केंद्र में रखा जाएगा। अयोध्या के बाद संघ का प्रमुख केंद्र काशी है। गुरुवार दोपहर बाद जब संघ प्रमुख काशी पहुंचे उससे पहले राम रामराज्य रथयात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। काशी का गंगाजल भी रथयात्रा के साथ गया है जो रामेश्वरम में भगवान शिव को चढ़ाया जाएगा।
गौ माता को कत्लखानों में जाने से बचाने के लिए भी चर्चा की जाएगी। इनको कृषि से जोड़ने पर मंथन होगा। गंगा निर्मलीकरण को लेकर भी संघ चिंतित है। काशी के पांडित्य और शास्त्रार्थ परंपरा को बढ़ावा देने के लिए संघ प्रमुख के 17 फरवरी को अस्सी घाट पर हो रहे शास्त्रार्थ में बाग लेने की योजना बनाई गई है।
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संघ का मानना है कि गांव का विकास किए बगैर शहर का विकास नहीं होगा। गांवों के विकास पर मंथन होगा। इसके अलावा बाबा विश्वनाथ की सुंदरीकरण की योजनाओं पर भी विशेष मंथन होगा। दीनदयाल हस्तकला संकुल में संघ प्रमुख के काशी प्रवास के दौरान होने वाली बैठकों में 46 आनुषांगिक संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
संघ के केंद्रीय पदाधिकारियों में दत्तात्रेय होसबोले, रामाशीष, अनिल ओक और शिवनारायण यहां आ चुके हैं। प्रवास में होने वाले सत्रों किए जाने वाले विचार-विमर्श की रूपरेखा तैयार की गई है। इन पर वृहद चर्चा शुक्रवार से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगी।
भाजपा पदाधिकारियों के रुचि न दिखाने से संघ पदाधिकारी नाखुश
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राष्ट्रीय स्वयंवेक संघ के संघ प्रमुख मोहन भागवत का संघ समागम 18 फरवरी को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में होगा। इसमें प्रवेश के लिए 20 रुपये का रसीद काटी जा रही है। 21 हजार स्वयंसेवकों का लक्ष्य रखा गया है, जो पूरे गणवेश में रहेंगे।
रसीद काटने के काम में संघ के अलावा भाजपा को भी दिया गया है। जब इसकी समीक्षा की गई तो पता चला कि भाजपा पदाधिकारियों को जो रसीदें दी गई थीं, उन्होंने उसे काटने में रुचि नहीं दिखाई। कुछ प्रमुख लोगों ने आधी तो कुछ ने पांच-छह रसीदें काटी थीं।
इस पर संघ पदाधिकारियों ने रसीद काटने की जिम्मेदारी पूरी तरह से स्वयंसेवकों को सौंप दी। स्वयंसेवकों की सक्रियता के बाद 18 हजार से अधिक रसीद कट चुकी हैं। तीन हजार रसीदें दो दिन में और काटी जाएंगी। स्वयंसेवकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि रसीद कटवाने में भाजपा पदाधिकारियों और और कार्यकर्ताओं की मदद न लें।
1360 चुनिंदा पदाधिकारी पहुंचे
बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में प्रवास कर रहे संघ प्रमुख 18 फरवरी को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित संघ समागम में हिस्सा लेंगे। 19 को प्रांतों के वरिष्ठ पदाधिकारियों संग बैठक करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों संग समन्वय बैठक 20 को होगी।
संघ प्रमुख की पाठशाला में हिस्सा लेने के लिए आठ केंद्रीय पदाधिकारी, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के 33 कार्यकर्ता, काशी, गोरक्ष, अवध, कानपुर के 49 राजकीय जिलों, संघ रचना के 88 जिलों के 1270 जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी देर रात तक यहां आ चुके हैं।
केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा करेगा संघ
पांच दिवसीय काशी प्रवास पर पटना से दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे सर संघ चालक
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत का गुरुवार सो शुहू हुआ पांच दिवसीय काशी प्रवास कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज की विकास कार्यों को केंद्र बिंदु बनाकर समीक्षा करने के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
इसके लिए हिंदुत्व, गोरक्षा और राम मंदिर एजेंडे के अलावा अयोध्या, काशी और मथुरा पर मंथन किया जाएगा। सामाजिक समरसता, ग्राम्य विकास, कुटुंब प्रबोधन, विचार परिवार, संगठन के कार्यों पर वृहद मंथन होगा।
काशी पहुंचने के बाद संघ प्रमुख ने शाम को कोर कमेटी के पदाधिकारियों के संग बैठक की। इसमें समागम का एजेंडा तय किया गया। शुक्रवार सुबह नौ बजे संघ प्रमुख दीनदयाल हस्तकला संकुल में सत्र का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में होने जा रहे पांच दिवसीय कार्यक्रम में विकास कार्यों के अलावा मोदी और योगी सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
काशी के विकास पर फोकस के साथ ही सरकारी योजनाओं के गांव और आम आदमी पर असर के बारे में विचार-विमर्श के लिए दो सौ से अधिक सवाल तैयार किए गए हैं। इन सवालों पर संघ जिला कार्यकारिणी स्तर से फीडबैक लेकर भाजपा के लिए 2019 की राह आसान करने के लिए मार्गदर्शन देगा।
20 फरवरी तक संघ प्रमुख के प्रवास के दौरान संकुल में प्रतिदिन सुबह शाखा लगेगी। सुबह नौ बजे से सत्र शुरू होगा। प्रतिदिन एक-डेढ़ घंटे के चार से पांच सत्रों में संघ पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जानकारों का कहना है कि संघ और भाजपा का विस्तार के बाद असंतुष्टों को लेकर संघ गंभीर है। इसमें समन्वय के लिए संघ ने रूपरेखा बना ली है।