संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री और आचार्य के छात्रों की छात्रवृत्ति में 46 साल बाद बढ़ोतरी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की संस्तुति पर शासन भी शास्त्री और आचार्य के छात्रों की छात्रवृत्ति को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। शास्त्री की छात्रवृत्ति 20 और आचार्य की 30 रुपये होने के कारण छात्र विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं करते थे।
संस्कृत विश्वविद्यालय में 1975 से छात्रों को 20 और 30 रुपये छात्रवृत्ति मिल रही है। पहली बार कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के सामने छात्रवृत्ति के मुद्दे को रखा था। सीएम ने इस मामले में प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
वित्त समिति ने पहले ही छात्रवृत्ति को बढ़ाने पर अपनी मुहर लगा दी है। बस अब शासन की ओर से बजट व स्वीकृति मिलते ही वर्तमान सत्र से छात्रों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति मिलनी शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शास्त्री के छात्रों को 2000 व आचार्य के छात्रों को 3000 रुपये छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार शोधार्थियों को 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का प्रस्ताव है। वित्त समिति ने इसकी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।