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युवक की तड़पकर मौत: सोनभद्र में मरीज को लेकर दरवाजा खटखटाते रह गए परिजन, बाहर नहीं आए डॉक्टर तो गई जान

Fri, 03 Sep 2021 05:31 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी में इमरजेंसी में डॉक्टर तैनात नहीं थे। परिसर स्थित डॉक्टर के आवास पर परिजन मरीज को ले गए। बाहर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अंदर से जवाब नहीं मिला। सीएचसी अधीक्षक से संपर्क करने पर उन्होंने अवकाश पर होने का हवाला दिया। 
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सीएचसी बभनी परिसर में विरोध प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल यूपी के सोनभद्र जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर सरकार का पूरा जोर है, मगर डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। संवेदनहीनता का ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार की रात बभनी सीएचसी पर आया। मरीज को लेकर परिजन डॉक्टर का दरवाजा खटखटाते रहे, चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन चैन की नींद सो रहे डॉक्टर ने बाहर आने की जरूरत नहीं समझी। कई घंटे छटपटाने के बाद शुक्रवार की भोर में बीमार ने इलाज के बिना ही दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने सीएचसी के सामने जमकर हंगामा किया। सोनभद्र की चिकित्सा व्यवस्था के विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए गुस्से का इजहार किया। 

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राजासरई गांव निवासी बबलू (28) पुत्र रामनाथ बृहस्पतिवार की रात अपने कमरे में सो रहा था। रात करीब 12 बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसने पत्नी दुर्गावती को जानकारी दी। तेज बुखार, सीने में दर्द की शिकायत पर परिवार के लोगों ने 108 नंबर पर फोन किया। एंबुलेंस से बबलू को लेकर वह रात करीब डेढ़ बजे बभनी सीएचसी पहुंचे।

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इमरजेंसी में नहीं थे डॉक्टर, आवास पर मिली निराशा

परिजनों के मुताबिक, बभनी सीएचसी पर इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं था। वह परिसर स्थित डॉक्टर के आवास पर पहुंचे। दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई, मरीज की पीड़ा देख चीखने लगे, गिड़गिड़ाते हुए डॉक्टर से बाहर आकर इलाज करने की गुहार लगाते रहे। मगर, अंदर से कोई जवाब नहीं आया। लोगों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. गिरधारी लाल से संपर्क किया तो उन्होंने अवकाश पर होने का हवाला देते हुए डॉक्टर को भेजने की बात कही। भोर में करीब साढ़े पांच बजे जब डॉक्टर पहुंचे तब तक अस्पताल परिसर में बबलू की मौत हो चुकी थी। 

आरोप है कि जब डॉक्टर से रात में न आने का कारण पूछा गया तो वह परिजनों पर ही रौब दिखाने लगे। गुस्साए लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी के गेट पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इसकी शिकायत सीएमओ से भी की। प्रदर्शन करने वाले दुर्गावती, सोनामती, रामचंद्र, रामदेव, रामदास, रमेश, लक्ष्मण, राजेश्वर, राम अवतार, रामप्रसाद आदि रहे। 

बोले अधिकारी
इस संदर्भ में सीएमओ डॉ. नेम सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर की तैनाती होती है। अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात किसकी ड्यूटी थी और वह ड्यूटी पर क्यों नहीं था, इस बारे में जानकारी लेकर समुचित कार्रवाई की जाएगी। 
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