संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में इन दिनों न तो अधिकारी हैं और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन के पास इतना बजट है कि वह शिक्षकों-कर्मचारियों का पूरा वेतन दे सके। कुलपति-कुलसचिव को छोड़कर विश्वविद्यालय में कोई अधिकारी नहीं है, जैसे-तैसे काम तो चल रहा है लेकिन अब कुलपति शासन की उपेक्षा को लेकर परेशान हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कुलपति ने इस समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है।
विश्वविद्यालय में लंबे समय से परीक्षा नियंत्रक और वित्तअधिकारी का पद खाली चल रहा है। विश्वविद्यालय का कामकाज बाधित न हो इसे देखते हुए कुलपति ने दोनों पदों पर प्रोफेसरों को जिम्मेदारी तो दे दी है, साथ ही शासन को समय-समय पर पत्र लिखकर अधिकारियों के जल्द तैनाती की मांग की।
कई बार आवाज उठाने के बाद जब मांग पूरी नहीं हुई तो कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस समस्या से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कुलपति ने कहा है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन आदि के भुगतान मद में शासन से 10.50 करोड़ रुपये अनुदान स्वीकृत किया जाता है इसमें वेतन मद में 8,98,65000 और अन्य मदों में 1,51,35000 रुपये शामिल हैं।
सत्र 2016-17 में शिक्षकों को 7,66,51489 और अन्य वर्गों को 14,39,45474 रुपये का भुगतान किया गया। बताया कि इस समय शिक्षकों के 70 पद और अन्य संवर्गों में 122 पद खाली है और 30 जून को शिक्षकों के तीन और पद खाली होंगे, यदि ये पद भरे गए तो आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।
मुख्यमंत्री से बातचीत में कुलपति ने ऐसी परिस्थिति में विश्वविद्यालय का संचालन करने में कठिनाई बताते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों के ये पद खाली
वित्तअधिकारी एक पद
परीक्षा नियंत्रक एक पद
उपकुलसचिव दो पद
सहायक कुलसचिव तीन पद
लेखाधिकारी एक पद