फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंदोलन की भेंट चढ़ा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह

Sat, 21 Oct 2017 05:47 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय - फोटो : self
विज्ञापन
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 35 वां दीक्षांत समारोह टल गया है। विश्वविद्यालय में 14 दिनों से चल रहे आंदोलन को देखते हुए समारोह को आगे बढ़ाने के लिए कुलपति ने राजभवन को पत्र लिख दिया है।
विज्ञापन


अब दीक्षांत समारोह अगले माह आयोजित करने की योजना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के हिसाब से समारोह की तिथि को नियत करेगा। संस्कृत विश्वविद्यालय में 27 अक्तूबर को होने वाला दीक्षांत समारोह आंदोलन की भेंट चढ़ गया।

विश्वविद्यालय में सात अक्तूबर से आंदोलन चल रहा है। अध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया, कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के अनुरुप वेतन व एरियर और छात्र छात्रावास की समस्या को लेकर धरना दे रहे हैं। इसके चलते विश्वविद्यालय 14 दिनों से ठप चल रहा है।
विज्ञापन


आंदोलन के कारण दीक्षांत समारोह के लिए अधिसूचना तक नहीं जारी हो सकी है जबकि नियमानुसार समारोह के 21 दिन पहले अधिसूचना जारी हो जानी चाहिए। मुख्य अतिथि के नाम पर भी अभी तक सहमति नहीं बन सकी है।
आंदोलन को देखते हुए ही कुलपति ने दीक्षांत समारोह स्थगित करने के लिए कुलाधिपति से अनुरोध किया है।

 विश्वविद्यालय में आंदोलन के कारण सत्र भी विलंबित होने के आसार नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही छात्रसंघ चुनाव भी दिसबंर माह तक होने की संभावनाएं हैं। हालांकि विश्वविद्यालय में पिछले साल भी 16 दिसंबर को और 2016 में 15 दिसंबर को छात्रसंघ चुनाव हुआ था। वर्तमान छात्रसंघ नया सत्र आरंभ होते ही 29 जुलाई को समाप्त कर दिया गया है। 
विज्ञापन

पीएमओ के संपर्क में हैं कुलपति

varanasi - फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय के कुलपतिप्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने कहा कि  दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की राजभवन ने अनुशंसा की है। हालांकि पीएमओ आफिस से अभी तक इस पर कोई सहमति नहीं मिली है।

संभावना है कि 15 नवंबर के बाद प्रधानमंत्री वाराणसी आएंगे। ऐसे में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी उसी के हिसाब से तय किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री को बुलाने के लिए बहुत पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।  इतना ही नहीं पीएमओ कार्यालय से भी संपर्क में हम लोग बने हुए हैं। उनके आने की तिथि फाइनल होते ही समारोह की तिथि भी फाइनल कर दी जाएगी। 

धरने पर बैठे हैं कर्मचारी
 संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छुट्टियों के बावजूद भी कर्मचारी संघ धरने पर बैठा हुआ है। लगातार 15 वें दिन भी कर्मचारी संघ सातवें वेतन आयोग व शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के विरोध में धरनारत है। हालांकि शिक्षक, अधिकारी और छात्रसंघ ने दीपावली की छुट्टियों के कारण धरना स्थगित कर दिया था। विश्वविद्यालय खुलने के बाद ये लोग फिर से धरने पर वापस आएंगे। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें