संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का 35 वां दीक्षांत समारोह टल गया है। विश्वविद्यालय में 14 दिनों से चल रहे आंदोलन को देखते हुए समारोह को आगे बढ़ाने के लिए कुलपति ने राजभवन को पत्र लिख दिया है।
अब दीक्षांत समारोह अगले माह आयोजित करने की योजना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन के हिसाब से समारोह की तिथि को नियत करेगा। संस्कृत विश्वविद्यालय में 27 अक्तूबर को होने वाला दीक्षांत समारोह आंदोलन की भेंट चढ़ गया।
विश्वविद्यालय में सात अक्तूबर से आंदोलन चल रहा है। अध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया, कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के अनुरुप वेतन व एरियर और छात्र छात्रावास की समस्या को लेकर धरना दे रहे हैं। इसके चलते विश्वविद्यालय 14 दिनों से ठप चल रहा है।
आंदोलन के कारण दीक्षांत समारोह के लिए अधिसूचना तक नहीं जारी हो सकी है जबकि नियमानुसार समारोह के 21 दिन पहले अधिसूचना जारी हो जानी चाहिए। मुख्य अतिथि के नाम पर भी अभी तक सहमति नहीं बन सकी है।
आंदोलन को देखते हुए ही कुलपति ने दीक्षांत समारोह स्थगित करने के लिए कुलाधिपति से अनुरोध किया है।
विश्वविद्यालय में आंदोलन के कारण सत्र भी विलंबित होने के आसार नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही छात्रसंघ चुनाव भी दिसबंर माह तक होने की संभावनाएं हैं। हालांकि विश्वविद्यालय में पिछले साल भी 16 दिसंबर को और 2016 में 15 दिसंबर को छात्रसंघ चुनाव हुआ था। वर्तमान छात्रसंघ नया सत्र आरंभ होते ही 29 जुलाई को समाप्त कर दिया गया है।