समाजवादी पार्टी में हो रही उठापटक पर पार्टी के कुछ कद्दावर नेताओं की नजरें लगातार बनी हुई हैं।
चर्चा इस बात कि है कि दोनों गुटों को लेकर जिन सीटों पर मतभेद नहीं था, उस पर नए चेहरे को मौका मिल सकता है।
ऐसे में कौन गुट नए चेहरे पर दांव लगाएगा इस पर अटकलबाजी चल रही है।
इसको लेकर पार्टी के कुछ नेता दोनों गुटों के शीर्ष नेताओं के यहां लगे हुए हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का असर प्रदेश में खुलकर दिख रहा है।
पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ता और पदाधिकारी खुलकर प्रचार नहीं कर रहे हैं, वहीं पार्टी के कुछ कद्दावर नेता लखनऊ में डेरा जमाए हैं।
उन्हें उम्मीद है कि पार्टी यदि दोफाड़ होती है तो शायद उनको चुनाव लड़ने का मौका मिल जाए।
बलिया जनपद के बांसडीह और फेफना विधानसभा सीट पर इसकी संभावना प्रबल दिख रही है। लेकिन बैरिया, बलिया नगर, बेल्थरारोड, सिकंदरपुर और रसड़ा विधानसभा सीट पर भी दूसरे गुट से टिकट मिलने को लेकर पार्टी के कद्दावर नेता लगे हुए हैं।
कोई मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम पर टिकट लगने का दंभ भर रहा है तो कोई मुलायम सिंह को खुद का करीबी बताकर टिकट की दावेदारी में लगा हुआ है।
मालूम हो कि विगत दिनों मुलायम सिंह यादव और फिर अखिलेश यादव द्वारा जारी की गई सूची में जनपद के सिर्फ दो सीटों को लेकर ही मतभेद था। अन्य पांच सीटों पर दोनों गुटों से एक ही प्रत्याशी थे। यही हालात वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों का है।