रूस और यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध से काशी के कारोबारियों की समस्याएं बढ़ गई हैं। जिससे यहां के निर्यातकों के साथ बड़े व्यापारियों में निराशा है। रूस व यूक्रेन समेत यूरोप के कई देशों को करोड़ों रुपये का कालीन, सिल्क, ब्रोकेड सहित ड्रेस मैटेरियल का पूर्वांचल से निर्यात होता है।
युद्ध की इस स्थिति की वजह से 250 से 300 करोड़ रुपये के कारोबार को झटका लगा है। युद्ध छिड़ने के बाद शहर के निर्यातकों के करोड़ों रुपये के निर्यात आर्डर रोक दिए गए हैं। देश के अलग-अलग पोर्ट पर आर्डर होल्ड कर दिए गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि युद्ध आगे बढ़ता है तो कारोबार को और भी ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
एयर रूट पर असर पड़ने से ऑर्डर होल्ड
ईस्टर्न यूपी एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ सिंह ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच तनाव की वजह से शिपमेंट के साथ एयर रूट पर काफी असर पड़ा है, जिसकी वजह से उत्पादों को दूसरे देशों में भेजने में भी परेशानी आ रही है।
बढ़ेंगे उत्पादों के दाम
स्टोन हैंडीक्राफ्ट के निर्यातक डीएस व्यास बताते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग से वैश्विक स्तर पर व्यापार में काफी असर पड़ेगा। स्टोन हैंडीक्राफ्ट कीमती उत्पादों में शामिल है। हालांकि विदेशी खरीदारों ने आर्डर निरस्त नहीं किए हैं। युद्ध के कारण आर्डर फंस सकते हैं।
कृषि उत्पादों के निर्यात पर असर
एपीडा के क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि यूरोपीय देशों पूर्वांचल से कई कृषि उत्पादों के निर्यात होता है ऐसे में अगर यूक्रेन और रूस के बीच लंबी लड़ाई हुई तो इसका असर अगले एक सप्ताह में पड़ने लगेगा। फिलहाल इस क्षेत्र के किसी उत्पाद को निर्यात नहीं हो रहा।
पर्यटन उद्योग को पड़ेगी दोहरी मार
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि 15 मार्च के बाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होनी थी, लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के बीच कोरोना के कारण पहले से ही मंदी झेल रहे पर्यटन उद्योग को दोहरी मार पड़ेगी।
बढ़ जाएगा माल भाड़ा
यूपी मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन के मंडल प्रभारी सूर्यमणी ने बताया कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से आने वाले समय में डीजल-पट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में माल भाड़ा बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। भाड़ा बढ़ने के साथ ही जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे।
कृषि निर्यात पर असर नहीं
कृषि उत्पादों के निर्यातक सारस्वत पांडेय बताते है कि अभी सीजन के खाद्य व सब्जी उत्पादों का उत्पादन भी कम है। जिससे स्थानीय बाजार में ही कीमतें अच्छी मिल रही है। वर्तमान में अभी कोई उत्पाद बाहर नहीं जा रहा है, जिससे कृषि निर्यात पर कोई असर नहीं है।
इन उत्पादों की होती है सप्लाई
कालीन, दरी, बनारसी साड़ी, लकड़ी के उत्पाद, स्टोन हैंडीक्राफ्ट, ब्रोकेड, सिल्क व दूसरे ड्रेस मटेरियल यहां से निर्यात होते हैं। इसके अलावा आजमगढ़ से ब्लैक पॉटरी की सप्लाई भी होती है।