जब पुलिस उन्हें समझाने गई तो सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जिला प्रशासन के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। पुलिस के द्वारा जब लोगों को घर वापस जाने के लिए कहा गया तो सभी पुलिस पार्टी पर पथराव करने लगे।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपना बचाव करते हुए हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। उपद्रवियों के द्वारा जैतपुरा थाने की जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
बता दें कि आठ मार्च की शाम पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रांग रूम के बाहर पांच हजार से अधिक सपा कार्यकर्ताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाकर बवाल किया था। जबकि मालवाहक वाहन से ईवीएम यूपी कॉलेज में कर्मचारियों के मतगणना प्रशिक्षण के लिए जा रहा था।
वाराणसी में ईवीएम को लेकर हुआ था बवाल
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इंस्पेक्टर जैतपुरा ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। इसके साथ ही अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए गोलगड्डा और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
सड़क जाम के दौरान भीड़ चौकाघाट की ओर से आई एक एसयूवी कार पर भारतीय जनता पार्टी का झंडा और बैनर देखकर उग्र हो गई थी। भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने कार सवारों को बाहर घसीटने के साथ वाहन में तोड़फोड़ भी की थी। इस दौरान हनुमान फाटक चौकी इंचार्ज शशी प्रताप सिंह और लाट भैरव चौकी इंचार्ज शिव सहाय ने मोर्चा संभाला और भीड़ से कार सवारों को बाहर निकाला। इसके अलावा भी सड़क जाम करने वालों ने गोलगड्डा तिराहे जाम में खड़े कई वाहनों को क्षतिग्रस्त किया था।