शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा परिषद की होती है। शैैक्षणिक सत्र 2022-23 में प्राप्त आवेदनों में से कई बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिला था। शासन स्तर तक मामला पहुंचने पर महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है। साथ ही आरटीई के तहत पिछले साल के प्रवेश की रिपोर्ट मांगी है।
वाराणसी में 9153 सीटों पर 20, 331 आवेदन आए थे। 17,298 आवेदन स्वीकृत हुए थे। तीन चरणों की लॉटरी में कुल 7656 चयनित बच्चों को सीटें आवंटित हुई थीं। कुछ विद्यालयों के बंद होने के कारण कई बच्चों को प्रवेश नहीं मिल सका था। कुछ जगहों पर विद्यालय की आनाकानी की वजह से दाखिले नहीं मिले। कुछ स्कूलों ने शिक्षा विभाग में शासन द्वारा समय से धनराशि न भेजने की शिकायत दर्ज कराई।
बकाया फीस लगा रही ग्रहण
तीन वर्षों से वाराणसी सहित पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में संचालित निजी स्कूल प्रबंधनों का 76 करोड़ का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अधिकांश बच्चों के प्रवेश में कई दिक्कतें आईं। नामी स्कूल प्रबंधनों ने अभी तक प्रवेश नहीं लिए हैं।
एक नजर में 22-23 का आंकड़ा
जिला अलॉटमेंट
वाराणसी 7656
आजमगढ़ 2398
बलिया 1782
भदोही 1533
चंदौली 1479
गाजीपुर 1517
जौनपुर 977
मऊ 893
मिर्जापुर 3365
सोनभद्र 733