भूगर्भ जल दोहन को रोकने के लिए कई साल पहले बनी योजना धांधली की भेंट चढ़ने के बाद अब नए सिरे से पाइप लाइन दुरुस्त करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। शासन स्तर से 115 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया है। इसमें सात करोड़ में पेयजल योजना के डैमेज पाइप, लीकेज, गड़बड़ बूस्टर व पंप आदि दुरुस्त किया जा रहा है। जबकि 108 करोड़ के बजट से भदैनी में लगे लिफ्टिंग पंप की क्षमता 250 एमएलडी किया जाएगा।
वर्तमान में यह क्षमता 140 एमएलडी है। इसके अलावा भेलूपुर में स्थापित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। पुराने पंपों को बदलकर नए पंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्रांस वरुणा में नलकूपों को बंद कर गंगा आधारित पेयजल योजना को पूर्ण कर लिया जाएगा। दरअसल, पूरे शहर में गंगाजल घर तक उपलब्ध कराने की कवायद में जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्युअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत दो हिस्सों में योजना बनाई गई थी। ट्रांस वरुणा की जिम्मेदारी मेधा कंपनी और सिस वरुणा पर जल निगम ने काम शुरू किया था। नए डीपीआर में पुरानी जानकारी छिपाने और पूरा नहीं बनाने पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि बजट जारी होने के साथ ही काम शुरू करा दिया गया है।