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रोजा इफ्तार मामला: कुलपति के विरोध में बीएचयू के छात्रों ने खून से लिखा राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को पत्र

Sat, 07 May 2022 04:52 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

पिछले माह बीएचयू महिला महाविद्यालय में आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी का विरोध जारी है। इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने शनिवार को अपने खून से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। 
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बीएचयू कुलपति आवास के बाहर छात्रों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)  महिला महाविद्यालय में आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी के विरोध का मामला थमता नहीं दिख रहा है। मामले को लेकर बीएचयू के कुछ छात्र लगातार कुलपति प्रो. एसके जैन का विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को छात्रों ने कुलपति आवास के सामने अपने खून से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को चिट्ठी लिखी। इसके माध्यम से परिसर का माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई।

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छात्रों ने कहा कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन रोजा इफ्तार पार्टी में हिस्सा लेते हैं, मगर जब उन्हें परशुराम जयंती पर आना था तो वे बीमार हो गए। इस तरह का कृत्य महामना की बगिया में नहीं चलेगा।  छात्रों ने अपने पत्र में लिखा कि परिसर में बीते कई दिनों से हिंदू-विरोधी गतिविधियां चलाईं जा रहीं हैं।

परिसर में दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी आपत्तिजनक नारे लिखे गए। न उसकी जांच हुई है और न ही किसी पर कार्रवाई हुई।  इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मौन धारण कर आरोपियों को संरक्षण देने का कार्य कर रहा है। इससे पहले एनएसयूआई  के सदस्यों ने सीएचएस में ई-लॉटरी को खत्म करने के लिए खून से चिट्ठी लिखी थी।

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ये है पूरा मामला

पिछले महीने महिला महाविद्यालय में रोजा इफ्तार पार्टी आयोजित की गई थी। उसमें कुलपति भी शामिल हुए थे। इसकी जानकारी होते ही छात्रों का एक गुट विरोध में खड़ा हो गया। कुलपति आवास पर हनुमान चालीसा, हनुमानष्टक और श्रीराम स्तुति का पाठ किया था यहां तक इस छात्र गुट ने कुलपति आवास के सामने गंगा जल का छिड़काव किया और मुंडन कराया।
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कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला जलाया। कुलपति से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग तक की। हालांकि तब बीएचयू प्रशासन ने कहा था कि इससे पहले भी कुलपति महिला महाविद्यालय में आयोजित इफ्तार पार्टी में हिस्सा लेते रहे हैं। यह कोई नई परंपरा नहीं है। 
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