बनारस घराने के युवा कलाकार रुद्रशंकर
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संकटमोचन संगीत समारोह का मुक्ताकाशीय मंच रुद्रशंकर के कथक का साक्षी बना। रुद्रावतार के आंगन में रुद्रशंकर के मनोहारी कथक ने श्रोताओं को अपने सम्मोहन में बांध लिया। रविवार को 99वें संकटमोचन संगीत समारोह की पांचवीं निशा की प्रथम प्रस्तुति बनारस घराने के युवा कलाकार रुद्रशंकर के नाम रही। रुद्रशंकर ने 14 साल बाद जब हनुमत दरबार में हाजिरी लगाई तो कलासाधना का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया।
रुद्रशंकर ने कथक की पहली प्रस्तुति श्रीराम वंदना कृपा करो श्री राम जन-जन के... जरिये हनुमान जी के आराध्य भगवान राम के श्रीचरणों को नमन किया। इसके बाद पारंपरिक कथक के बाद उठान, आमद, टुकड़े, तिहाइयों के बाद थाली पर नृत्य के बीच घोड़े की चाल का भी सुंदरतम प्रदर्शन किया।
उन्होंने बनारस घराने के प्रख्यात तबला वादक पद्मविभूषण पं. किशन महाराज और पं. शारदा सहाय द्वारा रची गई बंदिशों पर अद्भुत नृत्य किया। त्रिभंग ताल पर भजन श्री सीताराम सीताराम जय रघुनंदन जय सियाराम हे दुख भंजन जय सुखधाम... पर तो उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को आनंद से भर दिया। तबले पर उदय शंकर मिश्र और भोपाल से आए अंशुल प्रताप सिंह, संतोष मिश्र ने गायन और हारमोनियम और अनीश मिश्र ने सारंगी पर संगत की।