Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी विभागों को मिलाकर रोज 100 मरीजों की सर्जरी होती है। कुछ का मामला गंभीर होता है, इसमें समय भी अधिक लगता है। अब रोबोटिक सर्जरी के शुरू होने से चिकित्सकों को भी सहूलियत होगी। तीन दिन पहले ही निदेशक प्रो. एसएन संखवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोबोटिक सर्जरी पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है।
आईएमएस बीएचयू में रोबोट की मदद से सर्जरी करने की राह धीरे-धीरे आसान होती जा रही है। कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी समेत छह विभागों में तैयारी चल रही है। विभागाध्यक्षों की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर के बाद अब नए सिरे से स्वास्थ्य मंत्रालय को पूरा प्रोजेक्ट बनाकर भेजने का निर्णय हुआ है। खास बात यह है कि एसजीपीजीआई लखनऊ के बाद आईएमएस बीएचयू इस तरह की सुविधा वाला दूसरा संस्थान होगा।
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बीएचयू अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी विभागों को मिलाकर रोज 100 मरीजों की सर्जरी होती है। कुछ का मामला गंभीर होता है, इसमें समय भी अधिक लगता है। अब रोबोटिक सर्जरी के शुरू होने से चिकित्सकों को भी सहूलियत होगी। तीन दिन पहले ही निदेशक प्रो. एसएन संखवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोबोटिक सर्जरी पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है। विभागाध्यक्षों ने इस पहल को न केवल सराहा बल्कि इस दिशा में आगे कार्य शुरू करने पर सहमति भी दी। निदेशक ने प्रस्तावों की भी जानकारी दी।
नए सिरे से बनेगा ऑपरेशन थियेटर
आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि अस्पताल में अभी जो ऑपरेशन थियेटर हैं, उन्हीं में से एक का चयन कर उसे रोबोटिक सर्जरी के मानक के अनुसार नए सिरे से बनवाया जाएगा। विभागाध्यक्षों की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब स्वास्थ्य मंत्रालय को इसे भेजा जाएगा।