बिहार के औरंगाबाद के दाउनगर निवासी नौ परिवार बरेली के शाहजहांपुर स्थित एक ठेकेदार के यहां सड़क निर्माण में मजदूरी करते थे। दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए सभी घर लौट रहे थे। एक ही पिकअप में कुल 33 लोग सवार थे।
इसमें महिलाएं, पुरुष और सात बच्चे भी रहे। पिकअप में नीचे मजदूर और ऊपर पटरी लगाकर सभी के सामान रखे हुए थे। डाफी टोल प्लाजा से पहले गोकुल ढाबा के पास जैसे ही पिकअप पहुंची थी कि गाड़ी का स्टेयरिंग फेल हो गया। अनियंत्रित वाहन किनारे डिवाइडर से टकराते हुए पलट गया।
बीएचयू अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस।
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तेज आवाज के साथ वाहन पलटा तो चीख पुकार मच गई। आसपास के ढाबा संचालक और उनके कर्मचारियों, राहगीरों ने घायलों को बाहर निकाला। तब तक सूचना पाकर डाफी चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायलों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों से बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों ने चार महिलाओं लीलावती (20 वर्ष), रूपा (17 वर्ष), अंशू (21 वर्ष) और कौशिल्या (22 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। अधिक खून बहने, सिर और चेहरे पर अधिक चोट लगने से मौके पर ही सभी ने दम तोड़ दिया। मौके से पिकअप ड्राइवर भाग निकला। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन शाहजहांपुर निवासी विपिन कुमार के नाम से है। पुलिस मालिक के जरिए ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।