हादसे के समय मौके पर मौजूद वाजिदपुर निवासी कमलेश यादव ने बताया कि जिस समय घटना हुई उस समय ट्रैफिक के पुलिसकर्मी चाय पी रहे थे। बस और ट्रक में टक्कर हो जाने के बाद भी चौराहे पर मौजूद पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था सुधारने में भी नहीं लगे। यदि कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात रहते तो यह हादसा नहीं हुआ होता।
रिंग रोड चौराहे पर ट्रक ने मारी टक्कर
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बस में सवार जौनपुर के मड़ियाहूं गौरा निवासी रामजीत (40) और रानीपट्टी जौनपुर निवासी गर्भवती महिला सुषमा (30) ने बताया कि अचानक ऐसा लगा कि जैसे भूकंप आया हो। नजर दूसरी तरफ गई तो दो पल के लिए लगा कि हम जिंदा नहीं बच पाएंगे। टक्कर इतनी तेज थी कि बचने की कोई उम्मीद नहीं थी।
स्थानीय लोगों ने तत्काल पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। सुषमा ने बताया कि उनके पति हरिश्चंद्र, बेटी की बहन स्नेहा यादव (18) और बेटी शिवांगी (2) को गोद में लेकर बैठे थे। टक्कर के बाद बेटी उनके गोद से उछलकर नीचे जा गिरी और गंभीर रूप से घायल है। इधर, रिंग रोड चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग को लेकर कोईराजपुर, वाजिदपुर, हरहुआ के ग्रामीणों ने वाराणसी-जौनपुर चक्काजाम मार्ग किया।