इसमें वरुणा के दोनों रिवर फ्रंट पर रोपवे और शहर के पुराने और नए हिस्से को जोड़ने वाले बाबतपुर एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन तक केबल कार के संचालन की रूपरेखा बनाई जा रही है। रोपवे और जल परिवहन से ही फीडर बस सेवा जोड़ी जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, रोपवे का पहला रूट शिवपुर से कचहरी, सिगरा, रथयात्रा होते हुए लंका, दूसरा कचहरी से लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया होते हुए लंका और तीसरा रूट लहरतारा से नरिया होते हुए बीएचयू तक है। वरुणा और गंगा में जल परिवहन विकसित करने और उसे रोपवे से जोड़ने की जिम्मेदारी भी कार्यदायी संस्था को सौंपी जाएगी।
यातायात प्रबंधन की नई योजना में वरुणा के डीएम बंगला और सरायमोहना हिस्सों को रोपवे से जोड़ा जाएगा। वरुणा में अत्याधुनिक नावों से जल परिवहन होगा। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नदी के दोनों तटों को विकसित किया जाएगा। लाइट और फब्बारे भी होंगे, ताकि रोपवे से नीचे का नजारा खूबसूरत दिखे।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि यातायात प्रबंधन के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पूरी योजना के साथ काम शुरू कराया जाएगा, ताकि शहर की समस्या को दूर किया जा सके। इसके लिए हर पहलू का अध्ययन किया जा रहा है।