वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र के छोटा लालपुर स्थित अंजनी इंक्लेव में रहने वाले भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ. बृजेश सिंह के घर सोमवार की रात डकैतों ने धावा बोला। खिड़की की ग्रिल तोड़कर सात डकैत घर में घुस आए।
डॉ. बृजेश और उनकी पत्नी को असलहे से आतंकित कर नगदी समेत करीब सात लाख रुपये के गहने लूट ले गए। सूचना के बाद पहुंची पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। बावरिया और कच्छा बनियान गिरोह पर शक जताया जा रहा है। दस दिनों में वाराणसी में डकैती की यह दूसरी वारदात है।
एसएसपी ने इस मामले में लालपुर चौकी प्रभारी शैलेंद्र प्रताप सिंह और दो सिपाहियों विजय प्रकाश और कल्पनाथ को निलंबित कर दिया है।
मूल रूप से गाजीपुर के सिधौना (रामपुर) निवासी डॉ. बृजेश कुमार सिंह इलाहाबाद में भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र में निदेशक थे। वह 2013 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद से वाराणसी में मकान बनवा कर रह रहे हैं। घर में उनके साथ पत्नी इंदू रहती हैं। तीन बेटे हैं, जो दूसरी जगहों पर रहते हैं। सोमवार की रात करीब ढाई बजे सात बदमाश खिड़की ग्रिल तोड़कर अंदर घुस गए।
बेडरूम में पहुंचकर डॉ. बृजेश और उनकी पत्नी को जगा कर चाकू सटा दिया। पास में खड़े बदमाशों के हाथों में असलहे और डंडे थे। इंदू को डरा कर उनसे आलमारी की चाबी मांगी गई। चाबी से आलमारी खोलकर उसमें रखे 50 हजार रुपये और इंदू के गहने लूट लिए गए।
जाने से पूर्व बदमाशों ने गमछे से दंपती के हाथ बांध दिए। मेन गेट का लॉक तोड़कर बदमाश भाग निकले। दंपती किसी तरह हाथ छुड़ाकर पड़ोसी के घर पहुंचे। सौ नंबर पर सूचना के बाद पुलिस जांच के लिए पहुंची। सुबह एसएसपी एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी पहुंचे। फिंगर प्रिंट और डाग स्क्वॉड नेे भी जांच शुरू की। डाग स्क्वॉड घटनास्थल से सौ मीटर आगे जाकर रुक गया। लूटपाट के दौरान बदमाश भोजपुरी में बोल रहे थे।
उन्होंने हाफ पैंट और शर्ट पहन रखी थी। ऐसे में उनके बावरिया या फिर कच्छा बनियान गिरोह के होने की आशंका जताई जा रही है। वारदात में स्थानीय लोगों के भी शामिल होने की आशंका है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि एसपी सिटी और एसपी क्राइम के नेतृत्व में पुलिस टीम को जांच में लगाया गया है। सीओ कैंट विनोद सिंह ने महावीर मंदिर क्षेत्र स्थित केनरा बैंक और एक जिम में लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज से डकैतों को चिह्नित करने के साथ कंजड बस्तियों में भी छापेमारी की, लेकिन देर रात तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका था।