खास बात यह है कि शोध में बिना लक्षण वाले लोगों पर अध्ययन किया गया। टीम ने स्ट्रीट वेंडर्स के रक्त समूहों के साथ ही उनके शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी का भी अध्ययन किया। पता चला कि पूर्वांचल में ब्लड ग्रुप बी 35 प्रतिशत और ओ 28 प्रतिशत सर्वाधिक लोगों में पाया जाता है, लेकिन जब कोविड को हराने वाले लोगों के रक्त समूहों का अध्ययन किया गया तो 36 प्रतिशत लोग एबी समूह के और 11 प्रतिशत ओ ब्लड ग्रुप के पाए गए।
इसके अलावा ए बी के लोगों में कोई अंतर नहीं मिला। टीम ने गणितीय आकलन द्वारा यह भी दिखाया की रक्त समूह एबी के लोगों को कोविड का जोखिम रक्त समूह ओ से 152 गुना ज्यादा है। प्रोफेसर चौबे ने बताया कि यह शोध बिना लक्षण वाले कोविड मरीजों पर किया गया है। ये भी दिखाता है कि भले ही रक्त समूह एबी में संक्रमण का सबसे अधिक जोखिम है, लेकिन इसमें गंभीरता का जोखिम अत्यंत कम है।