महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में वार्षिक/सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन पर सवाल खड़ा होने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉपियों की रेंडम जांच शुरू कर दी है।
छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनको परीक्षा में कम नंबर दिए हैं। छात्रों की शिकायत के बाद 28 सितंबर को कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में ही रेंडम जांच कराने का निर्णय लिया गया था। अब छात्रों की मांग के बाद कॉपियों की जांच शुरू हो गई हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.नवरत्न सिंह ने बताया कि अगर वास्तव में मूल्यांकन में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसका निस्तारण शीघ्र्र किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बैक पेपर तथा अंक सुधार की सुविधा भी छात्र छात्राओं को दी जाएगी।
अगली कक्षाओं में प्रवेश शुल्क जमा करने की तिथि बढ़ी
विद्यापीठ में अगली कक्षाओं वार्षिक/ सेमेस्टर में प्रवेश के लिए शुल्क जमा करने की तिथि पांच अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह तिथि 28 सितंबर तक निर्धारित थी। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पांच अक्टूबर के बाद तिथि में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।
काशी विद्यापीठ में महिला शिकायत प्रकोष्ठ का गठन
काशी विद्यापीठ में विशाखा गाइडलाइन के अनुसार, महिला शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक आदेश में बताया गया है कि प्रकोष्ठ में डॉक्टर भारतीय रस्तोगी अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग से डॉक्टर अंकिता गुप्ता सदस्य, समाजशास्त्र विभाग से डॉ. राहुल गुप्ता, खेलकूद से डॉ अमरेंद्र सिंह, बीना के साथ ही एडवोकेट अंकिता और समाजसेवी नीति को इसका सदस्य बनाया गया है।