काशी फिल्म महोत्सव का समापन समारोह काशी वासियों के लिए यादगार बन गया। बॉलीवुड गायक व इंडियन आइडियल फेम रवि त्रिपाठी के सुरों का जादू रुद्राक्ष में दर्शकों के सिर चढ़कर बोला। रवि ने येसुदास, रफी, किशोर और मुकेश के तरानों से जहां गोल्डन एरा की यादों को ताजा किया, वहीं अपनी गायकी से धर्म, अध्यात्म और कला की नगरी के दर्शकों को अपना मुरीद बना लिया। रुद्राक्ष में रवि के ऊं नम: शिवाय ने तो समा बांध दिया।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की अंतिम निशा में महफिल ऐसी जमी कि हर कोई अपने स्थान पर संगीत की स्वर लहरियों में डूबता उतराता रहा। रुद्राक्ष के थियेटर की कुर्सियां भरने के बाद भी जमीन पर बैठकर लोगों ने रवि की गायकी का लुत्फ उठाया। मंच पर आते ही रवि ने हर-हर महादेव के जयघोष से काशी की जनता और काशी को नमन किया। उसके बाद येसुदास का गाया हुआ गीत जब दीप जले आना... की तान छेड़कर दर्शकों को अहसास दिला दिया कि आज की महफिल कितनी मधुर होने वाली है। इसके बाद चंदन सा बदन..., वो जब याद आए बहुत याद आए..., चाहूंगा मैं तुझे सांझ संवेरे..., मुस्कुराने की वजह तुम हो...सुनाया। रवि ने जब हाल क्या है दिलों का ना पूछो सनम...सुनाया तो थिएटर में बैठे दर्शक तो कुर्सियां छोड़कर नाच उठे। इसके बाद तो एक से बढ़कर एक तरानों का सिलसिला चल निकला। रवि ने तेरी मेरी गल्ला होगी मशहूर..., राता लंबिया..., तेरे संग यारा..., तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है, तुझ पे ही सांस आके रुकी..., तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है..., बदन पे सितारे लपेटे हुए, ओ जाने तमन्ना किधर जा रही हो...की प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद रवि ने ओम नम: शिवाय... की तान से पूरे माहौल में शिव की भक्ति की अलख जगाई। जय हो... सुनाकर सबको खूब झूमाया और अंत में रवि ने खईके पान बनारस वाला... से समापन किया।
मानी हर फरमाइश
रवि ने जहां अपने सुरों का जादू श्रोताओं पर बिखेरा वहीं उनकी हर मांग को पूरा भी किया। श्रोताओं की मांग पर गाते हुए रवि दर्शकों के बीच भी पहुंचे और साथ में नाचे भी। रवि जब मंच पर चढ़े तो उन्होंने श्रोताओं को भी मंच पर आमंत्रित कर लिया। इसके बाद तो श्रोताओं ने भी नृत्य किया।
कहे तोसे सजना, ये तोहरी सजनिया..
महोत्सव की अंतिम निशा की शुरुआत दादरा, कजरी और लोकगीतों से हुई। इंद्रदेव चौधरी ने कजरी बरसे बदरिया सावन की...से शुरुआत की। इसके बाद पं. महादेव मिश्र की दादरा सुनाया। क्रम को आगे बढ़ाते हुए नंदिनी स्वराज ने पद्मश्री शारदा सिन्हा के गीत कहे तोसे सजना... सुनाया तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पैड पर विवेक श्रीवास्तव, गिटार पर सौरभ कुमार, तबला पर संतोष मौर्या ने संगत की।
देखिए बाहर जा रहे हैं युगांडा के राष्ट्रपति
काशी फिल्म महोत्सव की समापन संध्या के मुख्य अतिथि फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष राजू श्रीवास्तव ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। अपने चुटीले और हास्य के अंदाज के लिए मशहूर राजू ने जब मंच संभाला तो इसी दौरान ब्लेजर पहने एक व्यक्ति अचानक उठकर जाने लगे तो राजू ने कहा कि देखिए यह यूगांडा के राष्ट्रपति हैं जो बाहर जा रहे हैं। दर्शक दीर्घा में ड्यूटी निभा रहे सुरक्षाकर्मी को देखकर उन्होंने कहा कि सबसे दुबला-पतला कांस्टेबल है। सिंगल राड वाले हैं...।