नदीम जावेद (फाइल फोटो)
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2017 में मल्हनी विधानसभा क्षेत्र से निषाद पार्टी की टिकट पर धनंजय सिंह चुनाव लड़ चुके हैं। इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं कि धनंजय जौनपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा सांसद केपी सिंह ने अपने पिता के पुराने मित्रों को जगा दिया है।
दूसरी ओर फिल्म अभिनेता और 2014 में कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके रवि किशन, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला, पूर्व विधायक सीमा द्विवेदी और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष शुक्ला भी टिकट के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। बसपा में वैसे तो कई लोग लाइन में हैं लेकिन पूर्व मंत्री के पुत्र का नाम भी चर्चा में आ गया है।
कांग्रेस के बड़े नेता दल की कमजोर संगठनात्मक स्थिति को देखते हुए चुनाव लड़ने से बच रहे हैं। इस कारण प्रत्याशियों को लेकर असमंजस है। अटकलें लगाई जा रही है कि अंतिम दौर में पूर्व विधायक नदीम जावेद पर कांग्रेस दांव लगा सकती है। वैसे अजय राय के भी यहां से लड़ने की चर्चा है।
बसपा के बाद भाजपा ने प्रत्याशी की घोषणा कर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि किसी भी दल की हार-जीत में कांग्रेस के उम्मीदवार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। भाजपा द्वारा मछलीशहर से बीपी सरोज को उम्मीदवार बनाने की घोषणा के बाद बसपा खेमे में मंथन शुरू हो गया है। ऐसे में अब कांग्रेस किसे चुनाव लड़ाएगी, यह मायने रखेगा।