असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व विजयादशमी 15 अक्तूबर को मनाया जाएगा। दशहरे का त्योहार इस बार रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के दहन के बिना ही संपन्न होगा। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए आयोजन समितियों ने सभी सार्वजनिक आयोजनों को रद्द कर दिया है। बरेका और मलदहिया पर होने वाला रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
शहर में 57 साल पुरानी बनारस लोकोमोटिव वर्कशॉप की प्रसिद्ध रामलीला में इस बार रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन नहीं किया जाएगा। कोविड-19 के तहत त्योहारों को लेकर जारी हुए प्रोटोकॉल में हुई देरी की वजह से आयोजन समिति ने इस बार भी रावण दहन के कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया है। बनारस लोकोमोटिव वर्कशॉप के मैदान में 80 फुट के रावण के पुतले, 75 फुट ऊंचे कुंभकरण के पुतले और 65 फुट ऊंचे मेघनाद के पुतले का दहन किया जाता था। जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए विजयादशमी समिति ने निर्णय लिया है कि रावण का पुतला दहन इस बार नहीं किया जाएगा।
मलदहिया चौराहे पर समाज सेवा संघ की ओर से विद्यापीठ चौराहे पर हर साल होने वाले रावण दहन को समिति ने स्थगित कर दिया है। समाज सेवा संघ की बैठक मंगल सोनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि कोरोना का संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है और कोविड प्रोटोकॉल का सार्वजनिक आयोजन में पालन कराना मुश्किल होगा। इसको देखते हुए रावण दहन के कार्यक्रम को स्थगित किया गया है।